खाना स्टोर करने के लिए स्टील और ग्लास में कौन सुरक्षित है? जानिए दोनों के फायदे-नुकसान और किचन में सही कंटेनर चुनने के आसान टिप्स।
आजकल लोग हेल्थ को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। लेकिन अक्सर यह नजरअंदाज कर देते हैं कि खाना किस बर्तन में रखा जा रहा है। गलत कंटेनर आपकी सेहत पर असर डाल सकता है।
स्टील के बर्तन: मजबूत लेकिन सीमित उपयोग
स्टेनलेस स्टील के बर्तन लंबे समय तक चलने वाले और मजबूत होते हैं। इनमें बैक्टीरिया कम पनपते हैं और ये जल्दी खराब नहीं होते। इसी वजह से रोजमर्रा के इस्तेमाल में ये काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि, बहुत ज्यादा खट्टा या नमकीन खाना लंबे समय तक रखने से इसमें रिएक्शन हो सकता है।
इससे खाने का स्वाद बदलने की संभावना रहती है। इसलिए हर तरह के खाने के लिए स्टील उपयुक्त नहीं माना जाता।
ग्लास के बर्तन: सुरक्षित और नॉन-रिएक्टिव
ग्लास को सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है क्योंकि यह रिएक्टिव नहीं होता। इसमें किसी तरह की केमिकल लीचिंग नहीं होती और स्वाद भी नहीं बदलता। खट्टा, मसालेदार या गर्म खाना भी इसमें सुरक्षित रहता है। ग्लास के बर्तन माइक्रोवेव में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हालांकि, ये जल्दी टूट सकते हैं और वजन में थोड़े भारी होते हैं। कीमत भी स्टील के मुकाबले ज्यादा हो सकती है।
गर्म खाने के लिए कौन बेहतर?
अगर आप सीधे गरम खाना स्टोर करते हैं, तो ग्लास बेहतर विकल्प माना जाता है। स्टील में बहुत गर्म और एसिडिक खाना रखने से रिएक्शन का खतरा रहता है। ग्लास इस मामले में ज्यादा सुरक्षित रहता है।
रोजमर्रा के इस्तेमाल में क्या चुनें?
अगर आपको टिकाऊ और किफायती विकल्प चाहिए, तो स्टील सही रहेगा। अगर आप पूरी तरह केमिकल-फ्री और सुरक्षित विकल्प चाहते हैं, तो ग्लास बेहतर है। दोनों का चुनाव जरूरत के हिसाब से किया जा सकता है।
क्या दोनों का कॉम्बिनेशन सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों का साथ में इस्तेमाल सबसे अच्छा तरीका है। स्टील को टिफिन और सामान्य स्टोरेज के लिए रखा जा सकता है। ग्लास को खासतौर पर गर्म और खट्टे खाने के लिए उपयोग करना बेहतर होता है।
किचन में छोटी गलती से बचें
खाना रखने के लिए सही बर्तन चुनना जरूरी है। गलत कंटेनर से स्वाद और पोषण दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए किचन की इस छोटी सी बात पर ध्यान देना जरूरी है।