जानिए 5 से 12 साल के बच्चों के लिए संतुलित आहार कैसा होना चाहिए। बच्चों की रोजाना की डाइट, प्रोटीन, कैल्शियम, फल, सब्जियां और हेल्दी फूड्स की पूरी जानकारी।
नई दिल्ली। 5 से 12 वर्ष की उम्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। इसी दौरान उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं, मांसपेशियों का विकास होता है और दिमाग तेजी से सीखने की क्षमता विकसित करता है। ऐसे में संतुलित और पौष्टिक आहार बच्चों की सेहत की मजबूत नींव तैयार करता है। आजकल जंक फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और मीठे पेय बच्चों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिसका असर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, पढ़ाई, ऊर्जा और समग्र विकास पर पड़ सकता है।
बच्चों की डाइट में प्रोटीन जरूर शामिल करें
प्रोटीन शरीर की वृद्धि और मांसपेशियों के विकास के लिए बेहद जरूरी है। बच्चों के दैनिक भोजन में दाल, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोयाबीन, राजमा, मछली और चिकन जैसे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
कैल्शियम और विटामिन D से मजबूत होंगी हड्डियां
बढ़ती उम्र में मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए कैल्शियम और विटामिन D आवश्यक हैं। इसके लिए दूध, दही, पनीर, रागी, तिल और नियमित धूप का सेवन बच्चों के लिए लाभदायक माना जाता है।
रोजाना खिलाएं मौसमी फल और हरी सब्जियां
फल और हरी सब्जियां विटामिन, मिनरल और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। बच्चों की थाली में रोज कम से कम दो से तीन प्रकार के मौसमी फल और हरी सब्जियां शामिल करने की सलाह दी जाती है।
साबुत अनाज से मिलेगी भरपूर ऊर्जा
रोटी, दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन अनाज बच्चों को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। ये पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।
हेल्दी फैट भी है जरूरी
दिमाग के बेहतर विकास के लिए बादाम, अखरोट, मूंगफली, अलसी के बीज और सीमित मात्रा में घी जैसे हेल्दी फैट बच्चों की डाइट का हिस्सा होने चाहिए।
पर्याप्त पानी पीने की आदत डालें
बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित करें। कोल्ड ड्रिंक, मीठे पेय और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की जगह पानी, नारियल पानी या घर के बने पेय बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
जंक फूड का सेवन रखें सीमित
पिज्जा, बर्गर, चिप्स, नूडल्स, कैंडी और कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों का सेवन कम से कम कराना चाहिए। इनकी जगह घर पर बने पौष्टिक स्नैक्स देना अधिक फायदेमंद रहेगा।
हेल्दी स्नैक्स बनाएं आदत
भुना चना, स्प्राउट्स, मखाना, दही, मौसमी फल, ड्राई फ्रूट्स और घर का बना सैंडविच बच्चों के लिए बेहतर और पौष्टिक स्नैक विकल्प हैं।
रोजाना बच्चों की थाली में क्या होना चाहिए?
- दूध या दही
- एक मौसमी फल
- हरी सब्जियां
- दाल या अन्य प्रोटीन स्रोत
- साबुत अनाज
- ड्राई फ्रूट्स
- पर्याप्त मात्रा में पानी
इन आदतों पर भी दें ध्यान
- बच्चों को कभी भी नाश्ता छोड़ने न दें।
- समय पर भोजन कराने की आदत विकसित करें।
- टीवी या मोबाइल देखते हुए खाना खाने से बचाएं।
- ताजा और घर का बना संतुलित भोजन दें।
- रोजाना आउटडोर खेल और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बच्चों के आहार या स्वास्थ्य से जुड़ा कोई विशेष निर्णय लेने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य पोषण विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।