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Lost Courier Compensation

कूरियर में पार्सल गुम हुआ तो घबराएं नहीं, इन आसान कदमों से पा सकते हैं पूरा मुआवजा

अगर कूरियर कंपनी ने आपका पार्सल खो दिया है या खराब हालत में पहुंचाया है तो आपको मुआवजा मिल सकता है। जानिए शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका, कानूनी अधिकार और कंज्यूमर कोर्ट तक की पूरी प्रक्रिया।


कूरियर में पार्सल गुम हुआ तो घबराएं नहीं इन आसान कदमों से पा सकते हैं पूरा मुआवजा

Utilities News |

ऑनलाइन शॉपिंग और कूरियर सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता के बीच पार्सल गुम होने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में कई लोग यह मान लेते हैं कि अब सामान वापस मिलना या नुकसान की भरपाई होना मुश्किल है। जबकि उपभोक्ता संरक्षण कानून ग्राहकों को मुआवजा मांगने का स्पष्ट अधिकार देता है।

अगर कूरियर कंपनी की लापरवाही से आपका पार्सल रास्ते में खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो समय पर सही प्रक्रिया अपनाकर नुकसान की भरपाई कराई जा सकती है। इसके लिए जरूरी है कि शिकायत दस्तावेजों के साथ तय तरीके से दर्ज की जाए।

पार्सल गुम होने पर कितना मिल सकता है मुआवजा

मुआवजा इस बात पर निर्भर करता है कि बुकिंग के समय पार्सल की कीमत कितनी घोषित की गई थी और उसका बीमा कराया गया था या नहीं। बीमित पार्सल की स्थिति में घोषित कीमत के बराबर भुगतान किया जा सकता है। वहीं बिना बीमा वाले पार्सल पर कूरियर कंपनी अपनी पॉलिसी के अनुसार सीमित मुआवजा या बुकिंग शुल्क के कई गुना तक राशि देती है।

सबसे पहले कंपनी के पास दर्ज करें शिकायत

डिलीवरी की तय तारीख निकलते ही कूरियर कंपनी के कस्टमर केयर और आधिकारिक ईमेल पर लिखित शिकायत भेजें। शिकायत में ट्रैकिंग आईडी, बुकिंग रसीद, पार्सल में रखे सामान का बिल और उसकी अनुमानित कीमत का पूरा विवरण शामिल करें। इससे कंपनी के सामने आपका दावा मजबूत होता है और जांच प्रक्रिया भी तेज होती है।

जब कंपनी जवाब न दे तो क्या करें

अगर शिकायत के बावजूद कूरियर कंपनी कार्रवाई नहीं करती या मुआवजा देने से इनकार कर देती है, तो मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन तक ले जाया जा सकता है। टोल फ्री नंबर 1915 पर शिकायत दर्ज कराने के अलावा ऑनलाइन पोर्टल और उमंग ऐप के जरिए भी उपभोक्ता अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

कंज्यूमर कोर्ट में भी मांग सकते हैं हर्जाना

यदि सभी स्तरों पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं मिलता, तो जिला उपभोक्ता आयोग में 'सेवा में कमी' का मामला दायर किया जा सकता है। इसके लिए महंगे वकील की अनिवार्यता नहीं है। उपभोक्ता स्वयं आवेदन, कूरियर रसीद, बिल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मुआवजे के साथ मानसिक प्रताड़ना का हर्जाना भी मांग सकता है। ऐसे मामलों में दस्तावेज जितने मजबूत होंगे, दावा उतना प्रभावी माना जाएगा।

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