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Bank Locker Rent Rules: What If You Don’t Pay?

बैंक लॉकर किराया नहीं भरा तो क्या होगा? जानिए नियम और जोखिम

बैंक लॉकर का किराया समय पर न देने पर पेनाल्टी, एक्सेस बंद और अंत में लॉकर तोड़ने तक की कार्रवाई हो सकती है। जानिए RBI नियम और जरूरी सावधानियां।


बैंक लॉकर किराया नहीं भरा तो क्या होगा जानिए नियम और जोखिम

बैंक लॉकर का इस्तेमाल साल में एक-दो बार से ज्यादा नहीं होता है। इसलिए कई बार ग्राहक इसकी फीस चुकाना भूल जाते हैं। दिक्कत तब होती है, जब फीस का भुगतान किसी पुराने खाते से लिंक होता है, जो अब सक्रिय नहीं रह गया है। सवाल है कि लॉकर की फीस बैंक को नहीं देने पर क्या होगा?

एक बार भुगतान न करने पर ज्यादा समस्या नहीं

आमतौर पर अगर ग्राहक पहली बार भुगतान मिस कर देता है तो इससे तुरंत कोई बड़ी समस्या नहीं होती। लेकिन लंबे समय तक फीस नहीं चुकाने पर बैंक लॉकर के इस्तेमाल को सीमित कर सकता है। बैंक अन्य तरीकों से भी कार्रवाई कर सकता है, लेकिन ऐसा करने से पहले ग्राहक को फीस चुकाने का पूरा मौका दिया जाता है।

बकाया भुगतान के लिए मिलता है अतिरिक्त समय

बैंक पहले लॉकर का किराया चुकाने के लिए ग्राहक को अतिरिक्त समय देते हैं। इसके बाद भी राशि जमा नहीं होने पर विलंब शुल्क लगाया जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि बैंक तुरंत लॉकर को रद्द नहीं करते।ग्राहक के किराया नहीं चुकाने पर रेंट और उस पर पेनाल्टी बढ़ती जाती है। जब तक बकाया रेंट और पेनाल्टी का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक ग्राहक अपने लॉकर को एक्सेस नहीं कर सकता।अक्सर ग्राहक जानबूझकर भुगतान मिस नहीं करते। यह समस्या उन लोगों के साथ ज्यादा होती है, जो लॉकर का कम इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में जब वे लॉकर ऑपरेट करने बैंक जाते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि उनका किराया काफी समय से बकाया है।

बैंक के पास लॉकर तोड़ने का अधिकार

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बैंक की ओर से बार-बार सूचना देने के बावजूद भी ग्राहक किराया नहीं चुकाता, तो बैंक के पास तय प्रक्रिया के तहत लॉकर तोड़ने का अधिकार होता है।आमतौर पर ऐसा तब होता है, जब ग्राहक तीन साल से अधिक समय तक किराया नहीं देता। लॉकर तोड़ने के दौरान गवाह और बैंक के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं।

तय प्रक्रिया के तहत होती है कार्रवाई

लॉकर तोड़ने के बाद उसमें रखी गई वस्तुओं (ज्वेलरी आदि) को सील कर दिया जाता है। यह सामान बैंक के पास सुरक्षित रखा जाता है, जब तक ग्राहक इसके लिए क्लेम नहीं करता।ध्यान देने वाली बात यह है कि लॉकर तोड़े जाने के बाद उसमें रखी चीजों को दोबारा हासिल करना आसान नहीं होता। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है।

इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपका बैंक में लॉकर है, तो उसका किराया समय पर जरूर जमा करें। लॉकर को अपने किसी सक्रिय बचत खाते से लिंक कराना बेहतर विकल्प है, ताकि तय समय पर किराया स्वतः कटता रहे।साथ ही, बैंक में अपना मोबाइल नंबर, पता और ईमेल आईडी अपडेट रखना भी जरूरी है, ताकि किसी भी सूचना से आप वंचित न रहें।