AMU के शोध में केसर और एलोवेरा के मिश्रण से डायबिटीज और दिल की बीमारियों में लाभ के संकेत मिले। चूहों पर प्रयोग में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल हुआ।
AMU में हुए एक शोध में केसर और एलोवेरा के मिश्रण को डायबिटीज और दिल की बीमारियों के खिलाफ संभावित प्रभावी पाया गया है। शुरुआती परीक्षण चूहों पर किए गए, जिनमें सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। JN Medical College के बायोकेमिस्ट्री विभाग में किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि केसर से मिलने वाला ‘क्रोसिन’, रुटिन और एलोवेरा से प्राप्त ‘एलोइन’ शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। शोध के दौरान यह देखा गया कि ये तत्व ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के साथ-साथ खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करते हैं।
कैसे काम करते हैं ये तत्व
वैज्ञानिकों के अनुसार, डायबिटीज के दौरान एलडीएल जब अधिक शुगर के संपर्क में आता है, तो वह ‘ग्लाइकेटेड एलडीएल’ में बदल जाता है, जो धमनियों में जमा होकर दिल की बीमारियों का कारण बनता है।
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क्रोसिन (केसर से): ऑक्सीडेटिव तनाव कम करता है, एलडीएल को स्थिर रखता है
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रुटिन: हानिकारक एजीईएस के निर्माण को कम करता है
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एलोइन (एलोवेरा से): कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है
चूहों पर परीक्षण के नतीजे
प्रयोग में पाया गया कि ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित हुआ, खराब कोलेस्ट्रॉल घटा, अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ा। लिवर, किडनी और पैंक्रियाज सुरक्षित रहे। इंसुलिन स्तर में सुधार हुआ और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में कमी आई है।
Diabetes और Heart Disease जैसी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच यह शोध नई उम्मीद देता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन अभी शुरुआती चरण में है और इंसानों पर परीक्षण के बाद ही इसे उपचार के रूप में अपनाया जा सकेगा। शोध से जुड़े वैज्ञानिकों के अनुसार, प्राकृतिक तत्वों के जरिए गंभीर बीमारियों से बचाव की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।