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BJP NDA Expands After Big Election Wins

हार के बाद ममता उवाच

पांच राज्यों के चुनाव के बाद NDA का देश के 70% हिस्से पर प्रभाव बढ़ा। बंगाल में सत्ता परिवर्तन, राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव।


हार के बाद ममता उवाच 

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद अब देश के 70 प्रतिशत से अधिक आबादी और भूभाग पर भाजपा समर्थित एनडीए गठबंधन का कब्जा हो गया है। इस चुनाव में सनातन विरोधी ममता बनर्जी और एमके स्टालिन की हार से उनका घमंड चूर चूर हो गया है। यह दोनों सनातन को लेकर विरोधी बयान के लिए जाने जाते थे। इसलिए भगवा लहर ने इन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। इन सबके बावजूद ममता बनर्जी अपनी हार और जनादेश को स्वीकारने की बजाय केंद्र सरकार पर तमाम आरोप लगाकर खुद की जग हंसाई करा रही हैं जबकि उन्हें जनादेश को सिर माथे लेकर विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। 

अब वह एसआईआर में 90 लाख मतदाता हटाए जाने की बात कहकर 100 सीटें लूटने का आरोप लगा रही है। साथ ही राज्यपाल को इस्तीफा देने से भी इंकार कर रहीं हैं। यानी कि 15 साल राजगद्दी पर रहने के बाद उसे छोड़ना नहीं चाहती। वह इस हार को पचाने को तैयार नहीं है। जबकि एमके स्टालिन ने इस्तीफा दे दिया है। दूसरी ओर इन चुनाव परिणामों से भाजपा में फीलगुड है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में जाकर किसे मुख्यमंत्री बनाया जाए, इसके लिए विधायकों से चर्चा कर निर्णय लेंगे। 4 मई को विधानसभा चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

 इस परिणाम पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में कार्यकर्ताओं के दशकों के संघर्ष और जमीनी मेहनत को इस रिकॉर्ड जीत का श्रेय दिया। भाजपा नेताओं ने इस जीत को गंगोत्री से गंगासागर तक यानी उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक भाजपा के विस्तार के रूप में बताया है। असम और पुडुचेरी में भाजपा-एनडीए गठबंधन को जीत मिली है। तमिलनाडु में एमके स्टालिन सरकार गिर गई है, यहां टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जनता के रुझान को बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बंगाल में भाजपा की इस जीत को 'अद्भुत' और 'परिवर्तन' के रूप में सराहा गया है। आज की स्थिति के अनुसार भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में हैं। 

भाजपा अकेले 16 राज्यों में अपने मुख्यमंत्री के साथ शासन कर रही है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे क्षेत्र शामिल है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार आंध्रप्रदेश, सिक्किम, नागालैंड और पुडुचेरी जैसे अन्य क्षेत्रों में भी है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर तक भाजपा का राजनीतिक प्रभाव देशभर में विस्तार ले चुका है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पाटी की जीत के बाद शुभेदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने लगातार दूसरी बार ममता बनर्जी को पराजित किया है।

वह वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता है। यहां मुख्यमंत्री का औपचारिक फैसला 9 मई तक होने की संभावना है। मुख्यमंत्री के लिए शुभेदु अधिकारी का नाम रेस में सबसे आगे है, क्योंकि उन्होंने टीएमसी के खिलाफ भाजपा के अभियान का नेतृत्व किया। अन्य संभावित नाम दिलीप घोष और कुछ अन्य भाजपा नेताओं के है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान लेगा। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत से टीएमसी का 15 साल का शासन का खत्मा हो गया है

 

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