WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर उठे सवालों के बीच Meta ने सात बड़े सवालों के जवाब दिए हैं। कंपनी का दावा है कि यह फीचर वैकल्पिक होगा और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई नए प्रोटेक्शन भी जोड़े जाएंगे।
चैटिंग के लोकप्रिय ऐप्स में से एक WhatsApp के नए Username फीचर को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। सरकार की ओर से नोटिस मिलने के बाद इस फीचर पर साइबर सुरक्षा और पहचान की नकल जैसे कई सवाल उठे। इन चर्चाओं के बीच Meta ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर सात प्रमुख सवालों के जवाब दिए हैं। साथ ही दावा किया है कि नया सिस्टम यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बता देंकि भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है। यहां करीब इस ऐप्स के 85 करोड़ सक्रिय यूजर हैं। ऐसे में यूजरनेम फीचर को लेकर उठी हर चिंता का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि अंतिम लॉन्च से पहले यूजर्स की प्रतिक्रिया के आधार पर इसमें जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे।
यूजरनेम रखना होगा या नहीं
Meta ने स्पष्ट किया है कि WhatsApp पर Username बनाना पूरी तरह वैकल्पिक होगा। किसी भी यूजर पर इसे अपनाने की बाध्यता नहीं होगी। जो लोग चाहें, वे पहले की तरह केवल मोबाइल नंबर के जरिए भी WhatsApp इस्तेमाल कर सकेंगे।
पसंदीदा Username क्यों नहीं मिल सकता
कंपनी के मुताबिक, अगर कोई यूजरनें पहले से Instagram या Facebook पर किसी यूजर के नाम से जुड़ा है, तो वह उसके लिए सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके अलावा प्रसिद्ध हस्तियों, सरकारी संस्थानों और Meta Verified अकाउंट्स से जुड़े नाम पहले से आरक्षित रहेंगे ताकि उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल न हो। सामान्य Username उपलब्ध नहीं होने पर सिस्टम वैकल्पिक सुझाव भी देगा।
फर्जी पहचान और साइबर फ्रॉड पर क्या बोली कंपनी
वाट्सएप का कहना है कि शुरुआती चरण में Username के जरिए सीधे मैसेज भेजने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। जब यह फीचर शुरू होगा तो किसी नए व्यक्ति के संदेश के साथ उसके देश की जानकारी दिखाई जाएगी और पहली बार संपर्क होने पर सुरक्षा चेतावनी भी मिलेगी। कंपनी का कहना है कि ब्लॉक और रिपोर्ट सिस्टम की निगरानी के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या सिर्फ Username जानकर कोई मैसेज कर सकेगा
कंपनी ने कहा है कि केवल Username जान लेने से कोई भी व्यक्ति सीधे संपर्क नहीं कर सकेगा। WhatsApp पर Username को सार्वजनिक रूप से सर्च करने की सुविधा भी नहीं होगी। इसके अलावा यूजर्स चाहें तो Username Key नाम का अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प भी सक्रिय कर सकेंगे, जिससे संपर्क करने के लिए Username के साथ सुरक्षा Key की भी जरूरत पड़ेगी। यह Key बाद में बदली भी जा सकेगी।
Facebook और Instagram से लिंक करना जरूरी है क्या
Meta के अनुसार, अगर कोई यूजर Facebook या Instagram वाला वही Username WhatsApp पर भी इस्तेमाल करना चाहता है, तभी अकाउंट लिंक करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उस नाम का इस्तेमाल वास्तविक मालिक ही करे। हालांकि, अलग और नया Username चुनने वालों के लिए अकाउंट लिंक करना जरूरी नहीं होगा।
क्या बाद में यूजरनेम बदला जा सकेगा
कंपनी ने साफ किया है कि यूजर्स भविष्य में अपना Username बदल सकेंगे। इसके लिए शर्त यह है कि बदला गया नया नाम उपलब्ध हो। Meta ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रिय Username पहले से रिजर्व कराने के दावे गलत हैं। ऐसे नाम केवल उनके असली और सत्यापित मालिकों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। कंपनी फिलहाल फीडबैक के आधार पर फीचर को बेहतर बनाने में जुटी है और इसे वर्ष के अंत तक आधिकारिक रूप से लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।