भारतीय मूल के वैज्ञानिक अमित क्षत्रिय नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर हैं। उन्होंने आर्टेमिस और ISS जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में अहम भूमिका निभाई है और नासा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचकर इतिहास रचा है।
वर्ल्ड डेस्क: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA में भारतीय मूल के वैज्ञानिक अमित क्षत्रिय ने शीर्ष पद तक पहुंचकर अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे वर्तमान में नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कार्यरत हैं और एजेंसी के सबसे वरिष्ठ सिविल अधिकारियों में शामिल हैं।
बचपन से अंतरिक्ष के प्रति आकर्षण
अमित क्षत्रिय का बचपन अमेरिका के ह्यूस्टन के पास बीता, जहां उन्होंने कई रॉकेट लॉन्च देखे। इसी अनुभव ने उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की ओर प्रेरित किया। उन्होंने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से गणित में स्नातक और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, ऑस्टिन से मास्टर्स की डिग्री हासिल की। शुरुआत में उन्होंने तकनीकी और इंजीनियरिंग क्षेत्र में काम किया, जिसके बाद वे अंतरिक्ष कार्यक्रमों से जुड़ गए।
नासा में महत्वपूर्ण भूमिकाएं
NASA में उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर, रोबोटिक्स इंजीनियर और फ्लाइट डायरेक्टर जैसे कई अहम पदों पर काम किया। उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के रोबोटिक असेंबली और संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा वे आर्टेमिस मिशन और ‘मून टू मार्स’ कार्यक्रम से भी जुड़े रहे, जिसका उद्देश्य भविष्य के अंतरग्रहीय मिशनों की तैयारी करना है।
आर्टेमिस मिशन में अहम योगदान
आर्टेमिस मिशन के तहत उन्होंने मानवयुक्त अंतरिक्ष यान की वापसी और चंद्रमा अन्वेषण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मिशन की सफलता के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्हें प्रमुख जिम्मेदारी दी गई।
सम्मान और उपलब्धियां
अमित क्षत्रिय को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए नासा आउटस्टैंडिंग लीडरशिप मेडल और सिल्वर स्नूपी अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। नासा के शीर्ष नेतृत्व में भारतीय मूल के वैज्ञानिक की यह उपस्थिति वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाती है और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।