वैभव सूर्यवंशी 15 साल के हो गए हैं और ICC नियमों के तहत अब इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए पात्र हैं। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनके रिकॉर्ड चर्चा में हैं।
भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। वह वैभव सूर्यवंशी है। आज वैभव 15 साल के हो गए हैं। इसी के साथ उनके करियर में एक बड़ा दरवाजा भी खुल गया है। आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले आया यह जन्मदिन उनके लिए खास बन गया है। उम्र का यह दायरा पार करते ही वैभव अब इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए आधिकारिक तौर पर पात्र हो चुके हैं।
सीनियर टीम के लिए हुए एलिजिबल
क्रिकेट फैंस के बीच पिछले कुछ समय से एक सवाल घूम रहा था। वैभव को भारत की सीनियर टीम में कब मौका मिलेगा? अब इसका जवाब साफ है। 15 साल की उम्र पूरी करते ही वे इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए योग्य हो गए हैं। ICC के नियमों के मुताबिक, कोई भी खिलाड़ी तभी अपने देश के लिए इंटरनेशनल मैच खेल सकता है, जब सीरीज के पहले मैच तक उसकी उम्र कम से कम 15 साल हो।
2020 में बदला था नियम, सुरक्षा है मकसद
आईसीसी ने यह नियम नवंबर 2020 में लागू किया था। इसके पीछे मकसद था युवा खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा सुनिश्चित करना। इससे पहले उम्र को लेकर स्पष्ट सीमा नहीं थी, लेकिन अब 15 साल न्यूनतम तय कर दी गई है।
IPL में रिकॉर्ड और सबसे कम उम्र में फिफ्टी
वैभव ने सिर्फ नाम ही नहीं बनाया, बल्कि रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। वे आईपीएल में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने 14 साल 32 दिन की उम्र में यह कारनामा किया। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर रियान पराग हैं, जिन्होंने 17 साल 175 दिन में 2019 में फिफ्टी लगाई थी।
मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी कमाल
कुछ दिन पहले ही वैभव ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 61 गेंदों में नाबाद 108 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे। इस पारी के साथ वे इस टूर्नामेंट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
टी-20 में भी सबसे युवा सेंचुरियन
टी-20 क्रिकेट में भी वैभव का नाम सबसे कम उम्र में शतक लगाने वालों में सबसे ऊपर है। उन्होंने 14 साल 32 दिन की उम्र में खेलते हुए 35 गेंदों में शतक जड़ दिया। यह पारी उन्होंने आईपीएल में खेली, जिसने उन्हें रातों-रात चर्चा में ला दिया।
घरेलू क्रिकेट में भी मजबूत आंकड़े
वैभव अब तक घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। फर्स्ट क्लास: 8 मैच, 207 रन, लिस्ट-ए: 8 मैच, 353 रन और टी-20: 18 मैच, 701 रन बनाए हैं। कम उम्र में ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि आगे उनका सफर और बड़ा हो सकता है।
आगे क्या?
अब जब वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए एलिजिबल हो गए हैं, तो सबकी नजर इसी पर है कि उन्हें भारतीय सीनियर टीम में कब मौका मिलता है। फिलहाल, आईपीएल 2026 उनके लिए एक और बड़ा मंच साबित हो सकता है। शायद यहीं से टीम इंडिया का रास्ता भी तय हो।