स्पेन ने FIFA विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराया। मिकेल ओयारजाबल और पेड्रो पोरो के गोल की बदौलत स्पेन ने जीत दर्ज की।
फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने स्टार खिलाड़ियों से सजी फ्रांस की टीम को 2-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप फाइनल में जगह बना ली। एटीएंडटी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में कप्तान मिकेल ओयारजाबल और पेड्रो पोरो के गोल की बदौलत स्पेन ने शानदार जीत दर्ज की। अब स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के खिताबी मुकाबले में उतरेगा।
पेनल्टी से मिली बढ़त, पोरो ने जीत पर लगाई मुहर
स्पेन ने मैच की शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार फ्रांस पर दबाव बनाया। 22वें मिनट में मिले पेनल्टी किक को कप्तान मिकेल ओयारजाबल ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।दूसरे हाफ के 58वें मिनट में राइट बैक पेड्रो पोरो ने शानदार गोल दागकर स्पेन की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद फ्रांस वापसी नहीं कर सका और स्पेन ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
डिफेंस और अटैक दोनों में छाए रहे पोरो
टोटेनहम हॉटस्पर के डिफेंडर पेड्रो पोरो ने पूरे मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने एक ओर मजबूत डिफेंस किया तो दूसरी ओर लगातार आक्रमण में भी योगदान दिया। उनके प्रदर्शन ने फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड्स को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में स्पेन
स्पेन ने 2010 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद टीम कभी भी राउंड ऑफ-16 से आगे नहीं बढ़ सकी। 2014 में तो डिफेंडिंग चैंपियन होने के बावजूद स्पेन ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया था।अब 16 साल बाद टीम ने फिर से फाइनल में जगह बनाकर इतिहास दोहराने की उम्मीद जगा दी है।
यूरो चैंपियन के तौर पर फिर फाइनल में पहुंचा स्पेन
यूरो 2024 का खिताब जीतने के बाद स्पेन अब मौजूदा यूरोपीय चैंपियन के रूप में विश्व कप फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले भी टीम 2010 में यूरो चैंपियन रहते हुए विश्व कप फाइनल में पहुंची थी और ट्रॉफी अपने नाम की थी।यदि स्पेन इस बार भी विश्व कप जीतता है, तो वह मौजूदा यूरो चैंपियन रहते हुए दो बार फीफा विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी।
एमबाप्पे ने टीम की रणनीति पर उठाए सवाल
हार के बाद फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने टीम की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टीम स्पेन के खिलाफ अपनी योजना के मुताबिक खेल नहीं सकी।एमबाप्पे ने कहा कि मिडफील्ड में स्पेन को ज्यादा जगह मिली और फ्रांस की प्रेसिंग प्रभावी नहीं रही। उनके मुताबिक टीम को मैन-टू-मैन प्रेसिंग अपनानी चाहिए थी ताकि स्पेनिश खिलाड़ियों पर अधिक दबाव बनाया जा सके।इस हार के साथ फ्रांस का लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने का सपना भी टूट गया।
स्पेन के कोच बोले- हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम हैं
स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएते ने जीत के बाद कहा कि उनकी टीम इस समय दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम की तरह खेल रही है।उन्होंने कहा, "हम खुद को अजेय महसूस कर रहे हैं। फ्रांस जैसी मजबूत टीम को हराना आसान नहीं था, लेकिन खिलाड़ियों ने प्रतिबद्धता, एकजुटता और शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जिस काम को मुश्किल माना जाता है, यह टीम उसे भी आसान बना देती है।"स्पेन अब विश्व कप 2026 के फाइनल में अपनी दूसरी विश्व चैंपियनशिप जीतने के इरादे से उतरेगा।