भारत U19 टीम के लिए श्रीलंका के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल वनडे में अन्वय द्रविड़ ने 87 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी पारी से टीम 285 के स्कोर तक पहुंच सकी।
भारत अंडर-19 टीम ने श्रीलंका अंडर-19 के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल वनडे में संघर्षपूर्ण प्रदर्शन करते हुए 285 रन बनाए। शुरुआती झटकों के बाद टीम मुश्किल स्थिति में थी, लेकिन राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलकर टीम को संभाल लिया।
कप्तान यशवर्धन चौहान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद भारतीय टीम दबाव में आ गई थी। ऐसे समय में अन्वय द्रविड़ ने अर्जुन राजपूत के साथ मिलकर पारी को संभाला और अहम साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
मुश्किल हालात में अन्वय की मजबूत बल्लेबाजी
81 रन पर चार विकेट गिरने के बाद भारत की स्थिति कमजोर दिख रही थी। इसी दौरान अन्वय द्रविड़ और अर्जुन राजपूत ने पांचवें विकेट के लिए 141 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने न सिर्फ टीम को संभाला बल्कि बड़े स्कोर की उम्मीद भी जगाई। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ पारी को आगे बढ़ाया और लगातार रन बटोरे।
87 रनों की पारी से बनी मैच की रीढ़
अन्वय द्रविड़ ने 67 गेंदों पर 87 रन बनाए, जिसमें 1 छक्का और 9 चौके शामिल रहे। यह उनकी अंडर-19 करियर की सबसे बड़ी पारी भी साबित हुई। उनके साथ अर्जुन राजपूत ने भी 81 गेंदों में 76 रनों का योगदान दिया। दोनों की साझेदारी ने भारत को संकट से बाहर निकाला, हालांकि टीम अंत में 285 रन पर ऑलआउट हो गई।
श्रीलंका के गेंदबाजों ने की वापसी
श्रीलंका की ओर से गिम्हान मेंडिस सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 8.2 ओवर में 41 रन देकर 5 विकेट झटके। अन्वय के आउट होने के बाद भारतीय पारी फिर लड़खड़ा गई और अंतिम ओवरों में टीम केवल 22 रन ही जोड़ सकी।
द्रविड़ परिवार से जुड़ा नया क्रिकेट अध्याय
अन्वय द्रविड़ की यह पारी क्रिकेट फैंस के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने दबाव की स्थिति में वही जुझारूपन दिखाया, जिसके लिए उनके पिता राहुल द्रविड़ जाने जाते हैं। इस पारी ने एक बार फिर भारतीय क्रिकेट में नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मौजूदगी का संकेत दिया।