भोपाल शहर स्थित SAI सीआरसी भोपाल की जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर भारत और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया।
साई सीआरसी भोपाल की जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में अस्मिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबला अपने नाम किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिता में अस्मिता ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपनी तकनीक और आत्मविश्वास का प्रभाव छोड़ा। उनकी इस सफलता को साई सीआरसी भोपाल के प्रशिक्षण सिस्टम और वर्षों की मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
ग्लासगो में अस्मिता ने दिखाया शानदार खेल
राष्ट्रमंडल खेल 2026 के जूडो मुकाबलों में अस्मिता डे ने शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। महिलाओं के -48 किलोग्राम वर्ग में उन्होंने अपने विरोधियों के खिलाफ बेहतर रणनीति और बेहतरीन तकनीक का इस्तेमाल किया। फाइनल मुकाबले में अस्मिता ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। यह जीत भारतीय जूडो के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत सामने आई है।
साई सीआरसी भोपाल की ट्रेनिंग का मिला फायदा
अस्मिता डे की सफलता के पीछे उनका लगातार अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण अहम रहा है। साई सीआरसी भोपाल में उन्हें विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बेहतर सुविधाएं और उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिला। इस उपलब्धि ने साई सीआरसी भोपाल को भी राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण केंद्रों में एक नई पहचान दी है। संस्थान से जुड़े खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए यह सफलता प्रेरणा का स्रोत बनी है।
क्षेत्रीय निदेशक ने बताया गर्व का क्षण
साई सीआरसी भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक अभिषेक सिंह चौहान ने अस्मिता डे को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि साई परिवार और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अस्मिता की मेहनत, अनुशासन और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि इस सफलता में खिलाड़ी के साथ प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अस्मिता आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए पदक जीतती रहेंगी।
भारतीय खेलों के लिए बढ़ा उत्साह
अस्मिता डे की जीत भारतीय महिला खेल प्रतिभाओं की बढ़ती क्षमता को दिखाती है। जूडो जैसे खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। साई (SAI) सीआरसी भोपाल की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और निरंतर प्रयास से वैश्विक मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है।