रायपुर। बस्तर संभाग में लगातार तीसरे साल हो रहे बस्तर ओलंपिक को लेकर इस बार रिकॉर्ड उत्साह दिख रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के इस आयोजन में 6 लाख 492 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। खास बात यह है कि मैदान में उतरने के जोश में बस्तर की बेटियां और महिलाएं पुरुषों से आगे निकल गई हैं। कुल पंजीकृत खिलाड़ियों में 3 लाख 83 हजार 94 महिलाएं हैं, जबकि पुरुष 2 लाख 18 हजार 398 हैं।
पुरुषों से 1.63 लाख ज्यादा महिलाएं, कांकेर सबसे आगे
पंजीयन 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक चले और संभाग के सातों जिलों से खिलाड़ी जुड़े। महिला खिलाड़ियों की संख्या पुरुषों से 1 लाख 63 हजार 696 ज्यादा है। जिलेवार देखें तो कांकेर 1 लाख 23 हजार 216 पंजीयन के साथ सबसे ऊपर है। बस्तर जिले में 1 लाख 4 हजार 841 और कोंडागांव में 85 हजार 584 खिलाड़ियों ने नाम लिखवाया। सुकमा में 80 हजार 313, दंतेवाड़ा में 80 हजार 175, नारायणपुर में 63 हजार 506 और बीजापुर में 62 हजार 857 पंजीयन हुए।
तीन स्तर पर होंगे मुकाबले, 11 खेलों में दम दिखाएंगे खिलाड़ी
प्रतियोगिता विकासखंड स्तर से शुरू होती है। विकासखंड स्तर के मुकाबले 4 से 6 नवंबर तक हुए हैं। इनके विजेता 16 से 25 नवंबर तक जिला स्तर पर खेलेंगे और संभाग स्तर की प्रतियोगिताएं 7 से 11 दिसंबर तक प्रस्तावित हैं। हर जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तर पर उतरेंगे। हॉकी और वेटलिफ्टिंग के मुकाबले सीधे जिला स्तर पर होंगे।
जूनियर वर्ग में 14 से 17 साल के बालक बालिकाएं हिस्सा ले रहे हैं, जबकि सीनियर वर्ग में उम्र की कोई बंदिश नहीं है। कुल 11 खेलों में मुकाबले होंगे, जिनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी शामिल हैं।
नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को सीधी एंट्री
इस बार नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी खास इंतजाम है। ये प्रतिभागी विकासखंड और जिला स्तर से गुजरे बिना सीधे संभाग स्तर में खेलेंगे। उप मुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव ने रिकॉर्ड पंजीयन के लिए बस्तरवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले दोनों आयोजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। खेल विभाग ने खेल प्रेमियों, अभिभावकों और आम लोगों से मैदानों में पहुंचकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने की अपील की है।