अजीत अगरकर ने BCCI से 2027 वर्ल्ड कप तक कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने की मांग की है। उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने कई खिताब जीते, अब बोर्ड के फैसले का इंतजार है।
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक अहम चर्चा चल रही है। वह चर्चा टीम इंडिया के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर है। खबर है कि अगरकर ने खुद ही बीसीसीआई से अपना कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की इच्छा जताई है। अब गेंद बोर्ड के पाले में है, फैसला वही करेगा, लेकिन माहौल थोड़ा दिलचस्प जरूर हो गया है
2023 में मिली जिम्मेदारी, अब आगे की तैयारी
बता दें कि अजीत अगरकर को जुलाई 2023 में बोर्ड ने टीम इंडिया की सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था। उस वक्त टीम एक ट्रांजिशन फेज में थी। इन दौरान कई सीनियर खिलाड़ी जा रहे थे और नए चेहरों को मौका दिया जा रहा था। अगरकर के कार्यकाल में चयन प्रक्रिया में कुछ स्पष्टता दिखी। खासकर टी20 और टेस्ट टीम में बदलाव देखने को मिले। शायद यही वजह है कि वो खुद इस निरंतरता को बनाए रखना चाहते हैं। इसलिए 2027 तक बने रहने की इच्छा जता रहे हैं।
टीम इंडिया की हालिया सफलता बड़ा फैक्टर
अगरकर के दौर में भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 2024 में T20 वर्ल्ड कप जीतना, चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा, और 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचना शामिल है। ये सब उनके कार्यकाल को मजबूत बनाता है। हाल ही में टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड भी किया। इससे चयन समिति के फैसलों पर भरोसा और बढ़ा है। ऐसे में अगरकर का एक्सटेंशन मांगना कोई चौंकाने वाली बात नहीं लगती।
BCCI को फैसला लेना आसान नहीं
बीसीसीआई के सामने अब एक सीधा सवाल है। क्या वो अगरकर को 2027 तक जारी रखें या नया चेहरा तलाशें? सूत्रों की मानें तो इस मुद्दे पर शुरुआती चर्चा हो चुकी है। लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। दिलचस्प बात ये है कि फिलहाल इस पद के लिए कोई मजबूत विकल्प सामने नहीं दिख रहा है।
पहले भी मिल चुका है एक्सटेंशन
अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट पहले ही एक बार बढ़ाया जा चुका है। आईपीएल 2025 से पहले बीसीसीआई ने उनका कार्यकाल जून 2026 तक बढ़ा दिया था। उस समय बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा था कि टीम के प्रदर्शन और बदलाव को देखते हुए ये फैसला लिया गया था। अगरकर ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार किया, और तब से वो अपनी भूमिका में लगातार सक्रिय हैं।
आंकड़े बताते हैं अनुभव की ताकत
अगरकर सिर्फ सिलेक्टर ही नहीं, बल्कि एक सफल खिलाड़ी भी रहे हैं। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 349 विकेट लिए हैं। इसमें टेस्ट में 58, वनडे में 288 और टी-20 में 3 विकेट शामिल हैं। इतना ही नहीं 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहना, वनडे में सबसे तेज अर्धशतक (21 गेंद) लगाना और सबसे तेज 50 विकेट लेने जैसे रिकॉर्ड आज भी उनके नाम हैं।