मध्यप्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल फेरबदल, भाजपा का 200 पार मिशन और कांग्रेस के प्रोजेक्ट एम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जानिए अंदर की सियासी हलचल।
अनुराग उपाध्याय
चार चर्चित मंत्री हटेंगे
कई राज्यों में नए मंत्रिमंडल बन रहे हैं तो कहीं मंत्रिमंडल में विस्तार हो रहा है। ऐसे में खबर आई है कि मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जा रहा है। यहां चार चर्चित मंत्रियों हो हटाने और पांच लोगों को शपथ दिलाए जाने की चर्चा जोरों पर है। खबर तो यह भी है कि एक वरिष्ठ मंत्री को इस्तीफा दिलवाकर राज्यसभा भेजे जाने का मन भी भाजपा संगठन बना रहा है। इसके लिए प्रदेश भाजपा संगठन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बात दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से हो चुकी है। एक बड़े मंत्री को केंद्रीय संगठन के बड़े काम में लगाना चाहता है। कहा तो यह भी जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए यह सब किया जा रहा है।
अबकी बार 200 पार
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी लगभग ढाई साल का समय है। उससे पहले बंगाल की जीत ने भाजपा को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। भोपाल में भी बंगाल की जीत का जश्न रहा। जश्न में भाजपा के बड़े नेता जी से पूछा गया कि अब तो मध्यप्रदेश में भी भाजपा को और बड़ा स्कोर खड़ा करना पड़ेगा। कांग्रेस भी इस बार तैयारी से मैदान में आएगी। इस पर नेता जी का जवाब था प्रदेश में अबकी बार दो सौ पार का लक्ष्य रहेगा और यही नारा भी होगा। क्योंकि अब भाजपा कार्यकर्ता पहले से सौ गुना ज्यादा चार्ज है और वो 2028 के चुनाव परिणामों को 200 के आंकड़े तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं। हो सकता है नेताजी की वाणी फलीभूत हो जाए। सोचिये, अगर ऐसा होता है तो फिर कांग्रेस क्या करेगी।
प्रोजेक्ट एम और उड़ता तीर
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट एम पर काम शुरू कर दिया है। प्रोजेक्ट एम अल्पसंख्यक महिलाओं को प्रदेश कांग्रेस से जोड़ने की कवायद है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इसे मील का पत्थर बता रहे हैं। पटवारी का मानना है उनका प्रोजेक्ट एम 2028 के विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका निभाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 160 सदस्यों की एक टीम काम करेगी। कांग्रेस प्रोजेक्ट एम के जरिये मुस्लिम महिलाओं को पार्टी से जोड़ने पर फोकस कर रही है। उसका मकसद मुस्लिम महिलाओं के जरिये मुस्लिम वोटों को इकट्ठा करना है। कुछ नौसिखिये कांग्रेस नेता इसे सरकार की लाड़ली बहना की काट भी बता रहे हैं। आपको बता दें ऐसे कई एम फेक्टर्स पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी उत्तरप्रदेश में काम कर चुके हैं। जिसका नतीजा शून्य ही आया है। कांग्रेस के एक बड़े नेता पटवारी के प्रोजेक्ट से नाराज नजर आए हैं। वे कहते हैं हिंदी बेल्ट में 'एम' का प्रयोग ही उड़ता तीर पकड़ने जैसा है। एम का सीधा अर्थ मुसलमान से है जो भी यहां एम की बात करेगा उसका आपना वोट बैंक और खिसक जाएगा। जब बंगाल में एम बुरी तरह फेल हो गया तो यहां क्यों पटवारी खुद कुल्हाड़ी पर कांग्रेस को कुदाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा में समय प्रबंधन
भाजपा में इस समय प्रशिक्षण वर्ग का दौर चल रहा है। इस बार इसमें समय प्रबंधन पर विशेष जोर है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल हर चीज का मिनिट टू मिनिट कार्यक्रम चाहते हैं। नेताओं के कारण उनका समय प्रबंधन बिगड़े, अब यह बर्दाश्त नहीं है। खंडेलवाल स्पष्ट कहते हैं जहां समय प्रबंधन है, वहां अनुशासन है। इसलिए समय का ध्यान तो सब को रखना पड़ेगा। इन वर्गों की खास बात यह है कि उद्घाटन और समापन सत्र के आलावा मंच पर सिर्फ दो ही लोगों के लिए कुर्सियां रहेंगी। यह सब भाजपा की नई कार्यसंस्कृति को दर्शाता है। भाजपा संगठन का साफ कहना है- बदलाव समय की मांग है और समय प्रबंधन वर्तमान की सबसे बड़ी जरूरत।
अब उम्र और पंजाब में घमासान
चुनाव सर्वे करने वाली टीमों में एक प्रमुख टीम मध्यप्रदेश की भी है। इस बार उस टीम ने असम और बंगाल में काम किया और परिणाम भी कंपनी के सर्वे के मुताबिक ही आये। टीम बंगाल और असम चुनाव की थकान उतार पाती कि उसे नया टास्क मिल गया है। टीम अब 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के सर्वे की तैयारी में जुट गई है। एमपी की टीम इस बार उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में चुनावी सर्वे करेगी। आपको बता दें अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इन चुनावों में भी उत्तरप्रदेश और पंजाब सभी राजनैतिक दलों के लिए बहुत महत्व रखते हैं। अन्य दलों को इन राज्यों के लिए कमर कसना पड़ेगी। क्योंकि भाजपा तो 24 घंटे इलेक्शन मोड में रहती है।