पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को आएंगे। भाजपा, तृणमूल, डीएमके और वाम दलों की साख दांव पर है। एग्जिट पोल पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
चुनाव आयोग द्वारा पांच राज्यों में चुनाव कराए जा रहे हैं, इनमें से असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतदान पूर्ण हो चुका है जबकि पश्चिमी बंगाल में एक चरण का मतदान हुआ है। यहां 29 अप्रैल को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होना है। इसके बाद सभी पांच राज्यों का परिणाम 4 मई को सामने आएगा। परिणामों को लेकर सबकी अपनी-अपनी राय हैं। चुनाव लड़ रही पार्टिया अपने पक्ष में फैसला बता रही हैं। जबकि मतदान पूर्व सर्वे करने वाली एजेंसियां 29 अप्रैल को बंगाल में मतदान होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर अपना सर्वे बताना शुरू कर देंगी। यानी कि यह चुनाव खासकर भारतीय जनता पार्टी के लिए बेहद अहम है क्योंकि वह हर राज्य से विपक्ष को बाहर करने में जुटी हुई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रणनीति के साथ प्रचार अभियान की कमान अपने हाथों में लेकर रैली और सभाएं की।
असम, केरल, पुडुचेरी में चुनाव की प्रक्रिया 9 अप्रैल को पूरी हो गई जबकि तमिलनाडु की सभी सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हुआ। वहीं बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हो चुका है। यहां दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होने के साथ ही पांचों राज्यों में मतदान पूर्ण हो जाएगा। भाजपा ने इन सभी राज्यों में अपने प्रत्याशी उतारे हैं। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद सभी की निगाहें एग्जिट पोल की ओर हैं। जहां पुडुचेरी में 89.87 प्रतिशत, असम में 85.91 प्रतिशत और केरल में 78.27 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। तमिलनाडु की बात करें तो यहां भी 84.69 मतदान हुआ। बंगाल में पहले चरण में 92.88 प्रतिशत मतदान ने सभी रिकॉर्ड तोड दिए। हालांकि भाजपा और तृणमूल इसे अपने पक्ष में मतदान का दावा कर रहे हैं।
वैसे जिस तरह से यहां भाजपा ने ताकत झोंक रखी है उससे मुकाबला रोचक हो रहा है। पिछली बार तृणमूल कांग्रेस ने 294 सीटों में से 215 सीटों पर विजय हासिल कर सत्ता बनाई थी, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। इस बार कांग्रेस और वामपंथी दलों का भी मुकाबला होगा, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। तमिलनाडु में इस बार भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड मुनेत्र कड़गम के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। यहां एनडीए नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस और डीएमके द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के बीच होगा। पिछले चुनाव में डीएमके ने 133 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि अन्नाद्रमुक को 66 और भाजपा को 5 सीटें मिली थी। केरल में पिछले चुनावों में एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) ने 140 सीटों में से 99 सीटों पर जीत हासिल की थी और पिनराई विजयन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। पुडुचेरी में एनडीए ने 30 सीटों में से 16 सीटें जीती थी और एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने थे। असम में भाजपा ने 75 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की थी।
तमिलनाडू में डीएमके ने 133 सीटें जीती थी और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन बने थे। केरल में एलडीएफ ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी। पुडुचेरी में एनडीए ने 16 सीटें जीती थीं और एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने थे। इस तरह भाजपा का चुनावी जहाज लगातार एक के बाद एक राज्यों में सरकार बनाकर विस्तार करने में जुटा है। इसमें पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करने के लिए भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। इन सब राज्यों में चार मई को स्थिति साफ हो जाएगी।