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BJP Foundation Day: Journey, Ideology, Growth

भाजपा स्थापना दिवसः भारत की आकांक्षा एवं भाजपा

शिवप्रकाश


भाजपा स्थापना दिवसः भारत की आकांक्षा एवं भाजपा

6 अप्रैल 1980 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। भारत के पश्चिमी तट पर खड़े होकर देश के लोकप्रिय नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की जनता के समक्ष विश्वास व्यक्त करते हुए कहा था कि ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।’ तानाशाही के विरोध में विकल्प बनी जनता पार्टी की सरकार के टूटने का यह समय था। देश में घोर निराशा थी, उस समय भारतीय जनता पार्टी का गठन होना राजनीतिक क्षितिज पर एक ऐतिहासिक घटना थी।

हास्य एवं उपेक्षा की दृष्टि से देखने वाले तत्कालीन भाजपा विरोधियों के लिए 46 वर्षों में भाजपा अपना विस्तार कर विश्व का सबसे बड़ा दल बनी—यह आश्चर्यचकित करने वाला दृश्य होगा। 14 करोड़ से अधिक प्राथमिक सदस्यों, सर्वाधिक सांसदों-विधायकों एवं पंचायत-स्थानीय निकायों में चुने हुए जनप्रतिनिधियों वाली पार्टी, देश के बड़े हिस्से पर सत्ता के माध्यम से देश की सेवा कर रही है। राष्ट्र प्रथम के भाव से प्रेरित असंख्य कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, कुशल एवं लोकप्रिय नेतृत्व, गरीब कल्याण की योजनाओं एवं स्पष्ट नीति के कारण भाजपा 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षा पूर्ति का माध्यम बनी है।

प्रथम संस्थापक अध्यक्ष श्री अटल बिहारी वाजपेयी से प्रारंभ कर 11 अध्यक्षों ने भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व किया है। 12वें अध्यक्ष के रूप में श्री नितिन नवीन जी वर्तमान में पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की कार्यपद्धति का परिणाम है कि उसने प्रदेशों एवं देश को ऐसा नेतृत्व प्रदान किया, जो राजनीतिक आकाश में नक्षत्र के समान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता स्थापित हुए हैं। स्वतंत्रता के पश्चात राजनीतिक क्षेत्र में विचारधारा के आधार पर अनेक राजनीतिक दल सक्रिय हुए थे। आज के परिदृश्य में विचार की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले दलों का लक्ष्य किसी भी प्रकार से सत्ता प्राप्ति ही रह गया है।

कांग्रेस सहित अनेक दल अब वामपंथी विचार पोषित अर्बन नक्सलवाद के शिकंजे में ही फंस गए हैं। कुछ राजनीतिक दल एवं नेता जहां वैचारिक दिवालियापन के शिकार हैं, वहीं भाजपा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अदम्य साहस एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा प्रस्थापित एवं भारतीय जनसंघ के समय से स्वीकृत विचार को लेकर सक्रिय है। यह विचार भारत सहित संपूर्ण विश्व में अंगीकृत हो रहा है।

भाजपा के इस वैशिष्ट्य के संबंध में बोलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ‘हम राजनीतिक क्षेत्र में संगठन आधारित दल हैं, हमारा संगठन कार्यकर्ता आधारित एवं कार्यकर्ता विचार आधारित है।’ अपने व्यवहार में लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने वाली भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र पार्टी है। प्रति 3 वर्ष में नई सदस्यता, बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक संगठन की नवरचना के माध्यम से नई ऊर्जा के साथ भाजपा सदैव सक्रिय रहने वाली पार्टी है, जिसने अपने संगठन में महिलाओं, युवाओं तथा समाज के सभी वर्गों को उचित स्थान प्रदान किया है।

भाजपा कार्यकर्ताओं में विचार, व्यवहार में सेवा, समाज के प्रति संवेदनशीलता जागृत करने के प्रशिक्षण महाभियान चला रही है। आपातकाल के विरोध के समय इसी लोकतांत्रिक आदर्श को चरितार्थ करने का कार्य इसी दल के नेतृत्व द्वारा हुआ था। इसके विपरीत अन्य दल परिवारवादी समूह बनते जा रहे हैं। हम राजनीतिक क्षेत्र में केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, वरन् समाज की सेवा के लिए हैं—यह केवल नारा नहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने व्यवहार में चरितार्थ किया है। कोरोना महामारी में पार्टी के कार्यकर्ता अपने प्राणों की बाजी लगाकर पीड़ितों की सेवा के लिए सक्रिय हो गए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 10 करोड़ लोगों को राशन, मास्क, दवाइयां वितरित कर मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।

कोरोना काल में ‘सेवा ही संगठन’ के माध्यम से असंख्य पीड़ितों के प्राण बचाने का कार्य भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हुआ था। किसी भी दैवीय एवं मानवीय आपदा के समय भाजपा सदैव सक्रिय रहती है। अपने आदर्श वाक्य ‘सबका साथ-सबका विकास’ के आधार पर सभी की सेवा एवं न्याय दिलाने के लिए भाजपा सदैव सक्रिय रहती है। महिला सम्मान के लिए शाहबानो केस के समय सक्रियता, तीन तलाक के विरोध में कानून, महिलाओं को लोकतंत्र में यथोचित प्रतिनिधित्व, सभी के कल्याण की योजनाएं इसके जीवंत प्रमाण हैं। संविधान की भावना एवं सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए भाजपा नेतृत्व वाले अनेक प्रदेश सक्रिय हैं।

देश की आवश्यकता पड़ने पर रचनात्मक विपक्ष का व्यवहार भाजपा नेतृत्व से सीखा जा सकता है। आज का विपक्ष सत्ताधारी दल का विरोध करते-करते देश विरोधी जैसा व्यवहार करने लगा है। 1971 का युद्ध, जेनेवा मिशन (1994) एवं आर्थिक सुधार आदि देशहित के मुद्दों पर आदर्श विपक्ष का व्यवहार भाजपा नेतृत्व ने करके दिखाया है। अपनी सीमाओं एवं आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भाजपा सदैव सजग रही है। परमाणु बम का विस्फोट, स्वदेशी रक्षा उत्पाद, सेना का आधुनिकीकरण आदि की दृष्टि से भाजपा ने अपना प्रभावी पक्ष सदैव समाज के समक्ष रखा है।

इसी संकल्प पूर्ति हेतु मोदी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में विश्वसनीय पहल की है। आतंक पर जीरो टॉलरेंस एवं नक्सलवाद से मुक्ति ने देश की जनता में यह विश्वास जगाया है कि भारत सुरक्षित हाथों में है। भारतीय जनसंघ के काल से ही भाजपा राष्ट्रीय एकात्मता एवं सीमाओं की सुरक्षा के व्यापक परिदृश्य को सुदृढ़ करने का कार्य करती आ रही है। धारा 370 के विरुद्ध आंदोलन, चीनी विस्तारवाद का विरोध, गोवा व दमन दीव मुक्ति, बेरुबाड़ी हस्तांतरण के विरोध से लेकर 1975 के आपातकाल विरोधी आंदोलन तक इन सभी में भाजपा की विचारधारा का लोकतांत्रिक इतिहास में अतुलनीय योगदान है।

छद्म धर्मनिरपेक्षता का विरोध करते हुए सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के आंदोलन में सहभागिता एवं निर्मिति की पूर्ति ने भारतीय जनता पार्टी को जन-जन की पार्टी बना दिया है।

भ्रष्टाचार मुक्त विकास, गरीब कल्याण (अंत्योदय) आदि भाजपा के सिद्धांत मूल्य आधारित राजनीति का प्रकटीकरण है। भारतीय जनता पार्टी ने संविधान दिवस मनाकर देश में संविधान के प्रति निष्ठा एवं डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा निर्देशित मूल्यों का समाज में प्रचार किया है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं देश की एकात्मता का पोषण करने वाला अभियान है। जहां अन्य दल धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भारतीय संस्कृति, विचार एवं गौरव को लांक्षित करने का कार्य कर रहे हैं, वहीं भाजपा नेतृत्व ने सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाने का कार्य किया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का कथन है कि ‘हम चुनाव जीतने के लिए केवल घोषणा नहीं करते, देश के विकास के लिए आवश्यक नीतियां बनाते हैं।’ इस आदर्श वाक्य ने भाजपा नेतृत्व की कथनी-करनी की एकरूपता को प्रकट किया है। चुनाव से पहले घोषणा, शिलान्यास के आधार पर वोट लेना—यह कुसंस्कृति विपक्षी दलों की पहचान हो गई थी। भाजपा द्वारा लक्षित विकास को आधार बनाने से विकास का पहिया सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं ही पहुंच रहा है, जिसके लिए अब धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन की आवश्यकता नहीं है।

अहंकार रहित रहकर भाजपा कार्यकर्ता देश के समक्ष चुनौतियों को दूर करने में लगे हैं। ‘एक वृक्ष मां के नाम’ के माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा, जल संरक्षण के प्रयास, समाज के लिए आदर्श महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथियों के कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान में समाज के साथ सहभागिता, विकसित भारत के लिए स्वदेशी उत्पादों का उपयोग एवं प्रचार आदि रचनात्मक कार्यों से भाजपा ने संपूर्ण समाज का विश्वास जीतने में सफलता प्राप्त की है।

यह विश्वास ही चुनावी सफलता के रूप में प्रकट हो रहा है। भारत माता की जय का उद्घोष, संपूर्ण वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान का गायन भाजपा की पहचान बन गया है। भाजपा के लिए गौरव का विषय है कि उसे देश की भावनाओं एवं आकांक्षाओं को पूर्ण करने का अवसर मिल रहा है।

लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान है कि स्थापना दिवस के अवसर पर देश के करोड़ों नागरिकों के सहयोग से अपने लक्ष्य वैभवपूर्ण विकसित भारत बनाने में सक्रिय हों। 

(लेखक - शिवप्रकाश भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री हैं)

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