क्या आप भी कामदा एकादशी की तिथि को लेकर कन्फ्यूज हैं कि यह 28 मार्च को है या 29 मार्च को? यहां जानिए इसकी सही तिथि, पारण का समय और वे महत्वपूर्ण गलतियां, जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
चैत्र मास में कामदा एकादशी आती है। ऐसा माना जाता है कि इसका व्रत रखने से जीवन में सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। लेकिन आपको इसकी तिथि के बारे में नहीं पता, तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे इसकी सही तिथि, पारण का समय और इस दिन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।
कब है कामदा एकादशी?
कामदा एकादशी को लेकर लोगों में कंफ्यूजन है कि ये 28 मार्च को है या 29 मार्च को? भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, एकादशी तिथि 28 मार्च को सुबह 08:45 बजे से शुरू होकर 29 मार्च 2026 को सुबह 07:46 बजे तक रहेगी। हिंदू धर्म में क्योंकि सभी त्यौहार उदयातिथि में मनाए जाते हैं, तो उस हिसाब से 29 मार्च को कामदा एकादशी मनाई जाएगी।
कामदा एकादशी का पारण समय
इस बार 29 मार्च को कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा, तो व्रत का पारण करने का सही समय 30 मार्च को किया जाएगा। जिसका मुहूर्त सुबह 6 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 7 बजकर 14 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। इस दिन द्वादशी तिथि होगी, इसलिए पारण का सही समय जानना बेहद जरूरी है।
एकादशी व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां
कामदा एकादशी का व्रत सिर्फ एक उपवास नहीं है, बल्कि यह नियम, संयम और मानसिक शुद्धता का दिन भी है। यदि इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो व्रत का फल प्राप्त नहीं होता और घर में सौभाग्य की कमी आ सकती है।
1. संकल्प और पारण का ध्यान
व्रत की शुरुआत सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु का स्मरण कर संकल्प लेकर करें। साथ ही, द्वादशी को समय पर पारण करना आवश्यक है। ऐसा न करने पर व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता।
2. तामसिक भोजन से दूरी
एकादशी से पहले दशमी तिथि से लेकर द्वादशी तक लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक भोजन का सेवन वर्जित है। इससे व्रत का प्रभाव कमजोर पड़ जाता है।
3. वर्जित कार्य न करें
एकादशी के दिन बाल काटना, नाखून काटना, कपड़े धोना, घर में पोछा लगाना जैसी गतिविधियां नहीं करनी चाहिए। साथ ही चावल का सेवन भी वर्जित माना गया है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में गरीबी और दुख बढ़ सकते हैं।
4. तुलसी और पूजा का सही तरीका
एकादशी के दिन तुलसी को छूना, जल चढ़ाना या तुलसी तोड़ना वर्जित है। केवल शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाकर संध्या वंदन करना शुभ माना गया है।
5. मानसिक शुद्धता और सकारात्मकता
एकादशी का व्रत मानसिक शुद्धता का भी दिन है। इस दिन झूठ बोलने, विवाद करने, नकारात्मक विचार लाने और अनैतिक कार्यों से दूर रहना चाहिए। साथ ही दिन में सोने से भी बचें।
इस बार कामदा एकादशी 29 मार्च, रविवार को होगी। सही तिथि और नियमों के साथ रखे गए व्रत से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसलिए व्रत करते समय श्रद्धा, संयम और सभी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।