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Hinglaj Mata Temple: Sacred Shaktipeeth

चैत्र नवरात्र आज सेःबाड़ी के मां हिंगलाज देवी मंदिर में आस्था, इतिहास और चमत्कार का संगम

रायसेन के बाड़ी में मां हिंगलाज मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। 500 साल पुराना मंदिर, अखंड ज्योति और नवरात्रि मेले में हजारों श्रद्धालु दर्शन करते हैं। इसका संबंध पाकिस्तान स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ से


चैत्र नवरात्र आज सेःबाड़ी के मां हिंगलाज देवी मंदिर में आस्था इतिहास और चमत्कार का संगम

पाकिस्तान के प्रसिद्ध हिंगलाज शक्तिपीठ से है सीधा संबंध, नवरात्रि में हजारों श्रद्धालु करते हैं मां हिंगलाज के दर्शन

रायसेन जिले की बाड़ी तहसील में स्थित मां हिंगलाज देवी का प्राचीन मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। लगभग 500 वर्ष पुराने इस मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते हैं.चमंदिर में माता की अखंड ज्योति सदियों से जल रही है, जिसे अत्यंत पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। विशेष रूप से चैत्र और शारदीय नवरात्रि में यहां विशाल मेला लगता है और हजारों भक्त माता के दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं।

500 वर्षों से अनवरत जल रही अखंड आस्था की ज्योति

इतिहास के अनुसार, 16वीं शताब्दी में संतू परंपरा के महत भगवानदास जी माता हिंगलाज को ज्योति स्वरूप में लेकर इस क्षेत्र में आए थे। बताया जाता है कि उसी समय बाड़ी में माता की स्थापना की गई और तब से यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध हो गया.स्थानीय मान्यता है कि स्थापना के समय यहां स्वयं माता प्रकट हुई थीं, जिसके बाद यह स्थान भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया। तब से लगातार यहां पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराएं चलती आ रही हैं।

मंदिर से जुड़े हैं कई चमत्कार

मां हिंगलाज के मंदिर को लेकर कई चमत्कारिक मान्यताएं प्रचलित हैं। माता के दर पर संतान प्राप्ति की कामना लेकर आने वाले दंपतियों की इच्छा पूरी होती है। मंदिर में सदियों से जल रही अखंड ज्योति को दिव्य माना जाता है.इसी वजह से प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। स्थानीय इतिहास के अनुसार, भोपाल रियासत की बेगम कुदसिया भी माता के चमत्कार से प्रभावित होकर यहां दर्शन करने आई थीं.बताया जाता है कि माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।

नवरात्रि में लगता है मेला

मां हिंगलाज मंदिर में वर्ष भर श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां भव्य मेला लगता है और धार्मिक आयोजन होते हैं।

शक्तिपीठ से जुड़ी मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार, हिंगलाज माता का मूल शक्तिपीठ पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित है, जो हिंदू धर्म के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है.बाड़ी का मंदिर उसी शक्तिपीठ से जुड़ी आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालु इसे भारत में स्थित हिंगलाज माता का पवित्र धाम मानते हैं।

 

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