अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ ने उज्जैन महाकाल मंदिर में पूजा की, लेकिन नंदी के कान में मनोकामना बताते समय एक छोटी चूक कर बैठे, जिसे ज्योतिषाचार्य ने बताया।
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित महाकाल मंदिर में वीआईपी आना लगातार जारी रहता है। इस बीच बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों अपनी फिल्म को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच वे महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उनके साथ टाइगर श्राफ और डिंपल कपाड़िया भी मौजूद रहीं।
श्रद्धा के साथ किया बाबा महाकाल का पूजन
तीनों कलाकारों ने मंदिर पहुंचकर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।
नंदी के कान में मनोकामना बताते समय हुई चूक
पूजन के बाद अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ ने नंदी महाराज के कान में अपनी इच्छा भी बताई। हालांकि, इस दौरान उन्होंने एक जरूरी नियम का पालन नहीं किया। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, मनोकामना कहते समय नंदी का दूसरा कान बंद करना चाहिए था।
विशेषज्ञ ने बताया सही तरीका
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि यह कोई बड़ा दोष नहीं, बल्कि एक सामान्य चूक है। अगर जानकारी नहीं थी, तो मंदिर में मौजूद पुजारियों को मार्गदर्शन देना चाहिए था। इस परंपरा का पालन करने से ही मनोकामना सही तरीके से कही मानी जाती है।
डिंपल कपाड़िया ने निभाया पूरा नियम
वहीं डिंपल कपाड़िया ने इस परंपरा का सही तरीके से पालन किया। उन्होंने नंदी के एक कान में इच्छा कहते समय दूसरा कान बंद रखा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही सही विधि मानी जाती है।
क्या है नंदी के कान में मनोकामना की मान्यता
शिव मंदिरों में नंदी को भगवान शिव का वाहन और प्रिय भक्त माना जाता है। मान्यता है कि नंदी के कान में कही गई बात सीधे भगवान शिव तक पहुंचती है। इसलिए भक्त अपनी इच्छाएं इस विशेष तरीके से प्रकट करते हैं।
मनोकामना कहने का सही नियम
मंदिर में प्रवेश के बाद पहले भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद नंदी के कान में अपनी इच्छा बोलनी चाहिए। इस दौरान दूसरे कान को बंद करना और ‘ऊं नमः शिवाय’ कहना शुभ माना जाता है।