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UP Shiksha Mitra Salary Hike to ₹18,000 Announced

यूपी में शिक्षामित्रों को 18 हजार मानदेय, अनुदेशकों को भी बढ़ी राशि: इसी महीने से लागू होगा फैसला

UP के CM योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा मित्रों का वेतन बढ़ाकर ₹18,000 और इंस्ट्रक्टरों का वेतन ₹17,000 करने की घोषणा की। बढ़ा हुआ मानदेय इसी महीने से लागू होगा।


यूपी में शिक्षामित्रों को 18 हजार मानदेय अनुदेशकों को भी बढ़ी राशि  इसी महीने से लागू होगा फैसला

उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है। सीएम के अनुसार, प्रदेश के करीब 1.42 लाख शिक्षामित्रों को अब ₹18 हजार और 24 हजार अनुदेशकों को ₹17 हजार प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। यह बढ़ी हुई राशि इसी महीने से लागू की जाएगी।

अब तक कितना मिलता था मानदेय

अब तक शिक्षामित्रों को ₹10 हजार और अनुदेशकों को ₹9 हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे इन कर्मियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में शिक्षामित्रों की नियुक्ति वर्ष 2001 से शुरू हुई थी। वर्ष 2013-14 में तत्कालीन सरकार ने उन्हें सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया था। हालांकि, बाद में Allahabad High Court और फिर Supreme Court of India ने 2017 में इस समायोजन को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद करीब 1.72 लाख शिक्षक दोबारा शिक्षामित्र बना दिए गए थे, जिससे उनका वेतन काफी घट गया था। इसके विरोध में प्रदेशभर में आंदोलन भी हुआ था।

आंदोलन के बाद बढ़ा मानदेय

सरकार ने विरोध के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय ₹3500 से बढ़ाकर ₹10 हजार किया था। साथ ही, उन्हें सहायक अध्यापक भर्ती में वरीयता और बोनस अंक देने की व्यवस्था भी लागू की गई। अनुदेशकों के मानदेय को लेकर भी लंबे समय से विवाद चल रहा था। कोर्ट के निर्देश और बाद में Supreme Court of India के फैसले के बाद अब ₹17 हजार मानदेय लागू करने का रास्ता साफ हुआ है।

 शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

सरकार का कहना है कि इस फैसले से न केवल शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिलेगा। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर बनाए रखने में शिक्षामित्रों की अहम भूमिका रही है, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

 

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