चंदौली में 26 घंटे के भीतर 3 लोगों की हत्या करने वाला साइको किलर गुरप्रीत सिंह पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। आरोपी ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की थी।
उत्तर प्रदेश के चंदौली में 26 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याएं करने वाला आरोपी सोमवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। आरोपी की पहचान पंजाब निवासी और सेना से रिटायर गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसे क्राइम सीन रीक्रिएट कराने दरियापुर रेलवे लाइन के पास ले जाया गया था।
इसी दौरान उसने एक पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई। आरोपी के सिर और सीने में गोली लगी। अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई।
26 घंटे में 3 कत्ल फिर एनकाउंटर में ढेर
गुरप्रीत ने पहली हत्या रविवार सुबह पैसेंजर ट्रेन में की। मामूली कहासुनी के बाद उसने यात्री मंगरू की कनपटी पर गोली मार दी और शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। दूसरी वारदात उसी रात जम्मूतवी एक्सप्रेस में हुई। यहां उसने बाथरूम गए एक युवक को गोली मार दी। तीसरी और सबसे खौफनाक हत्या सोमवार सुबह चंदौली के एक निजी अस्पताल में हुई। आरोपी अस्पताल में घुसा और इलाज करा रही महिला को बेड पर ही गोली मार दी। तीनों हत्याओं का तरीका एक जैसा था। आरोपी सीधे कनपटी पर गोली मारता था।
अस्पताल में पहले कराया बीपी चेक
अस्पताल में हत्या करने से पहले गुरप्रीत ने अपना पर्चा बनवाया था। उसने नकली नाम और पता दर्ज कराया। वार्ड बॉय ने उसका बीपी और पल्स चेक किया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी पल्स सामान्य से ज्यादा थी, जो तनाव और मानसिक अस्थिरता की ओर इशारा करती है। कुछ मिनट बाद उसने वार्ड में घुसकर महिला को गोली मार दी।
भीड़ ने पकड़ा, फिर खुला राज
महिला की हत्या के बाद आरोपी भागने लगा, लेकिन अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पीटा। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर इलाज कराया। पूछताछ में आरोपी ने कहा कि वह “मन का राजा” है और शराब पीने के बाद उसे होश नहीं रहता। उसने खुद कबूल किया कि वह पहले भी दो लोगों की हत्या कर चुका है। इसके बाद पुलिस ने ट्रेन हत्याकांड की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
सेना से रिटायर होने के बाद बदला व्यवहार
गुरप्रीत छह साल पहले सेना से रिटायर हुआ था। वह पंजाब के तरनतारन का रहने वाला था। जांच में सामने आया कि हाल ही में वह बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। शराब पीकर हंगामा करने की वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। पुलिस का कहना है कि इसके बाद उसका व्यवहार और हिंसक हो गया। वह लगातार ट्रेनों में घूम रहा था और शराब के नशे में लोगों से उलझता रहता था।
पुलिस को ऐसे मिला सुराग
लगातार दो ट्रेन हत्याओं के बाद पुलिस को शक हुआ कि दोनों वारदात एक ही व्यक्ति ने की हैं। वजह थी हत्या का एक जैसा तरीका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी लंबा था, सिर पर भगवा गमछा बांधे हुए था और बेहद आक्रामक दिख रहा था। अस्पताल में पकड़े गए आरोपी का हुलिया उन्हीं बयानों से मेल खा गया। सख्ती से पूछताछ में उसने तीनों हत्याएं कबूल कर लीं।
एनकाउंटर पर उठे सवाल भी
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने भागने के लिए पिस्टल छीनी और फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि हर बड़े एनकाउंटर की तरह इस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर रही है और घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है।