उत्तर प्रदेश को 4 साल बाद स्थायी DGP मिलने जा रहा है। राजीव कृष्ण का नाम आगे, जबकि रेणुका मिश्रा को पेपर लीक मामले में जिम्मेदार मानते हुए रेस से बाहर कर दिया गया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को लंबे इंतजार के बाद नया स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने जा रहा है। इस पद के लिए कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 1 अप्रैल से पहले इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी हो सकता है। राजीव कृष्ण को 31 मई 2025 को कार्यवाहक DGP बनाया गया था और उन्होंने प्रशांत कुमार की जगह ली थी। वह लगातार पांचवें ऐसे अधिकारी हैं जो कार्यवाहक DGP के रूप में कार्य कर रहे हैं।
रेणुका मिश्रा रेस से बाहर
DGP की दौड़ में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा का नाम भी शामिल था, लेकिन अब उन्हें रेस से बाहर कर दिया गया है। योगी सरकार ने उन्हें पुलिस भर्ती परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले में जिम्मेदार माना है। वर्ष 2024 में वह यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की चेयरमैन थीं। इस दौरान हुई सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होने के बाद मामला गंभीर हो गया। सरकारी जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र छपाई के लिए ब्लैकलिस्टेड फर्म को जिम्मेदारी दी गई थी परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई, इस वजह से परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इन्हीं कारणों को आधार बनाकर रेणुका मिश्रा को डीजीपी की दौड़ से बाहर माना गया है।
UPSC के नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया
संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुसार, डीजीपी चयन के लिए केवल शीर्ष 3 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर विचार किया जाता है, अधिकारी के खिलाफ कोई गंभीर आरोप या दाग नहीं होना चाहिए, सेवा अवधि और करियर रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जाता है। राजीव कृष्ण उस समय सूची में 12वें स्थान पर थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं और वे दूसरे स्थान पर आ गए हैं।
आलोक शर्मा का नाम क्यों नहीं शामिल?
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी आलोक शर्मा का नाम भी पैनल में शामिल नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, नियम के तहत DGP पद के लिए कम से कम 6 महीने की सेवा अवधि शेष होनी चाहिए, जबकि आलोक शर्मा के मामले में यह शर्त पूरी नहीं होती। इसलिए उनका नाम पैनल से बाहर कर दिया गया।
DGP पैनल में कौन-कौन शामिल हैं
अब यूपीएससी के सामने मुख्य रूप से तीन नाम भेजे जाएंगे
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पीयूष आनंद (पहले स्थान पर)
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राजीव कृष्ण (दूसरे स्थान पर)
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पीसी मीणा (तीसरे स्थान पर)
इसके अलावा अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम भी सूची में शामिल हैं, जिन पर आगे विचार किया जा सकता है।