उत्तर प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। 50 शहरों में बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने मंगलवार को कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दीं। प्रदेश के करीब 50 शहरों में हुई बारिश के बाद कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। शामली में पानी का बहाव इतना तेज रहा कि सड़क पर खड़ी कारें और बाइक तक बहती नजर आईं। वहीं मथुरा के वृंदावन में सड़कों पर नदी जैसा नजारा दिखाई दिया।
बारिश का असर वाराणसी से लेकर मेरठ और लखनऊ तक देखने को मिला। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है और बुधवार को भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
सड़कों पर पानी का सैलाब कई जिलों में बना परेशानी
मथुरा के वृंदावन में तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी का बहाव बढ़ गया। दुकानदारों को अपना सामान सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा। शामली में हालात और खराब दिखे जहां तेज बहाव के कारण वाहन तक पानी में बहते नजर आए। कई जगह लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश करते दिखे। अमरोहा में करीब एक घंटे की बारिश ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। हापुड़ के बाजारों में पानी दुकानों तक पहुंच गया। व्यापारियों को स्टूल पर बैठकर समय बिताना पड़ा। वाराणसी में बारिश का पानी सीढ़ियों से झरने की तरह बहता दिखा।
भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के 68 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मथुरा, आगरा, हाथरस, अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने दबाव क्षेत्र के कारण मानसून ने प्रदेश में रफ्तार पकड़ी है। यह सिस्टम उत्तरी ओडिशा तट को पार करने के बाद दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से यूपी के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है।
नदी का बढ़ा बहाव तो मंदिर क्षेत्र में मचा हड़कंप
सहारनपुर के मां शाकंभरी देवी मंदिर के पास बहने वाली शाकंभरी नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया। तेज बहाव देखकर मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सतर्क किया और तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की। तेज बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर बढ़ा दी है। नाविकों ने भी वाराणसी में तेज हवा और खराब मौसम के कारण नावों का संचालन रोक दिया है।
बारिश की कमी के बीच अचानक बदला मौसम
मौसम में आए इस बदलाव के बावजूद उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश अभी सामान्य से पीछे चल रही है। पिछले 24 घंटे में सोनभद्र में सबसे ज्यादा 31 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश से करीब 195 प्रतिशत ज्यादा रही। एक जून से अब तक प्रदेश में 78 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 142.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी अभी तक राज्य में करीब 45 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना से इस अंतर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।