योगी कैबिनेट ने यूपी में 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी। PPP मॉडल पर बनने वाले बस अड्डे 52 जिलों को कवर करेंगे और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है।
22 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित बैठक में कुल 22 प्रस्ताव पेश किए गए, जिन्हें मंत्रिपरिषद ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। इन फैसलों में परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे।
PPP मॉडल पर होगा निर्माण
सरकार ने इन बस अड्डों का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर करने का निर्णय लिया है। इससे निजी निवेश के जरिए परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
52 जिलों को मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत राज्य के 52 जनपदों को कवर किया जाएगा। इससे पहले पहले चरण में 23 बस अड्डों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। नए फैसले के बाद परियोजना का दायरा और बढ़ गया है।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
सरकार का कहना है कि इन बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सफर अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो सके।
भूमि आवंटन प्रस्ताव भी पास
कैबिनेट ने बस अड्डों के निर्माण के लिए विभिन्न जिलों में भूमि आवंटन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
- हाथरस के सिकंदराराऊ में कृषि विभाग की 2 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी
- बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र में सिंचाई विभाग की जमीन दी जाएगी
- बलरामपुर के तुलसीपुर में PWD की भूमि आवंटित की गई है
कनेक्टिविटी और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल से न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।