योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में होमगार्ड्स के लिए कैशलेस इलाज, पदक विजेताओं की सीधी भर्ती, स्टार्टअप नीति, डाटा सेंटर पॉलिसी और जलालाबाद का नाम बदलने समेत कई अहम फैसलों को मंजूरी मिली।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की नई कैबिनेट बैठक कई बड़े प्रशासनिक और सामाजिक फैसलों के कारण चर्चा में है। इस बार सिर्फ योजनाओं का विस्तार नहीं हुआ, बल्कि सुरक्षा कर्मियों, खिलाड़ियों, किसानों, स्टार्टअप्स और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई फैसलों पर मुहर लगी। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में 29 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 28 को मंजूरी मिली जबकि मदरसे से जुड़ा एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
बैठक के फैसलों में होमगार्ड्स के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं की सीधी सरकारी भर्ती, डाटा सेंटर नीति की वापसी और शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने जैसे निर्णय शामिल रहे। सरकार का दावा है कि इन कदमों का असर रोजगार, निवेश, खेल और जनकल्याण पर दिखाई देगा।
जलालाबाद अब परशुरामपुरी कहलाएगा
कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार के अनुसार यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। राज्य सरकार ने इस संबंध में वर्ष 2025 में केंद्र से अनुरोध किया था। भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद अब कैबिनेट की भी अंतिम स्वीकृति मिल गई है।
होमगार्ड्स को मिला बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
कैबिनेट ने प्रदेश के होमगार्ड्स के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज सुविधा लागू करने का फैसला लिया है। इस योजना पर राज्य सरकार हर वर्ष 35.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके साथ ही वर्दी की सिलाई और धुलाई भत्ते का भुगतान सात साल के बजाय पांच साल में किए जाने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक और समय पर लाभ मिलेगा।
स्टार्टअप और डाटा सेंटर नीति पर सरकार का नया फोकस
प्रदेश में समाप्त हो चुकी डाटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ यूपी स्टार्टअप मिशन की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया। मिशन डायरेक्टरेट का नेतृत्व मुख्य सचिव करेंगे और एक एंपावरमेंट कमेटी भी बनाई जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रोटोटाइप सहायता, वेंचर कैपिटल सहयोग, इनक्यूबेटर संचालन के लिए वार्षिक अनुदान और एक हजार करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड उपलब्ध रहेगा, जिसमें 400 करोड़ रुपये एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय के हिस्से के हैं।
पदक विजेताओं को बिना आयोग प्रक्रिया मिलेगी नौकरी
ओलंपिक, महिला ओलंपिक, एशियाई खेल और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब लोक सेवा आयोग की नियमित चयन प्रक्रिया से अलग सीधे सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जाएगी। यह भर्ती समूह 'क' और 'ख' के पदों पर होगी। क्रीड़ा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी सहित कुल 41 पदों पर सीधी नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। कांस्य और रजत पदक विजेताओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
पशुधन बीमा और शिक्षा क्षेत्र में भी कई फैसले
सरकार ने मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना के तहत पशुओं के बीमा को मंजूरी दी है। योजना में केंद्र, राज्य और किसान की साझा भागीदारी होगी। अलग-अलग पशुओं के लिए निर्धारित मूल्य के आधार पर प्राकृतिक आपदा, बीमारी और दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा मिलेगी। वहीं वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, मुरादाबाद और गोरखपुर में 100 बेड अस्पतालों के लिए जमीन आवंटन तथा कानपुर, फतेहपुर, गाजियाबाद और रायबरेली में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही नगर निगमों के लिए बॉन्ड सुविधा और लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की पेंशन बढ़ाने का निर्णय भी कैबिनेट ने मंजूर किया।