उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान ‘अल्लाह’ से जुड़े सवाल पर विवाद खड़ा हो गया। विरोध के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है।
उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान 'अल्लाह' से जुड़े एक सवाल पर बवाल मच गया है। बीकॉम और बीबीए के प्रश्नपत्र में पूछे गए सवाल की जांच के लिए यूनिवर्सिटी ने कमेटी गठित की है।स्नातक तृतीय वर्ष की फाउंडेशन परीक्षा में 6 अप्रैल को पूछे गए एक विवादास्पद प्रश्न को लेकर छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। मामला संज्ञान में आते ही विवि प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है।
दरअसल, सोमवार को बीकॉम, बीबीए और बीसीए (तृतीय वर्ष) के परीक्षार्थियों के लिए 'भाषा एवं संस्कृति' विषय के फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रश्नपत्र (कोड- K-1041 AB) में 'ईश्वर की अवधारणा' खंड के तहत एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछा गया।
प्रश्न था: 'अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है...'
इसके उत्तर के लिए चार विकल्प दिए गए थे:
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सोमेश्वर
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खुदा
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शक्तिवान
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दंड देने वाला
इस प्रश्न के सामने आते ही रतलाम सहित मालवा क्षेत्र के कई संगठनों ने इसे धार्मिक रूप से संवेदनशील बताते हुए आपत्ति जताई।
विरोध बढ़ने पर विवि के कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे परीक्षा समिति को सौंप दिया गया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, यदि कोई प्रश्न विवादित पाया जाता है, तो विषय विशेषज्ञों की समिति उसकी समीक्षा करती है। यदि समिति किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलती पाती है, तो संबंधित पेपर सेटर को कारण बताओ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।