उज्जैन महाकाल मंदिर के महंत विनीत गिरी ने इस्तीफे पर यू-टर्न लिया। अखाड़े ने इस्तीफा खारिज करते हुए कहा कि वे आगामी कुंभ तक पद पर बने रहेंगे।
उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर के महानिर्वाणी अखाड़े में महंत पद को लेकर चल रही हलचल में नया मोड़ आ गया है। महंत गादीपति विनीत गिरी महाराज ने अपने इस्तीफे को लेकर यू-टर्न ले लिया है।महंत विनीत गिरी ने अब स्पष्ट किया है कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था, बल्कि केवल स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे की पेशकश की थी। पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य का हवाला देकर इस्तीफा देने की खबरें सामने आई थीं, जिससे अखाड़े में हलचल मच गई थी।
अखाड़े का फैसला
महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव रविंद्र पुरी और अन्य संतों ने उज्जैन पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बैठक के बाद अखाड़े ने महंत का इस्तीफा अस्वीकार करते हुए साफ कर दिया कि विनीत गिरी आगामी कुंभ तक अपने पद पर बने रहेंगे।
बैठक और प्रशासन से मुलाकात
शनिवार को महंत विनीत गिरी, अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ उज्जैन पहुंचे। उन्होंने संतों के साथ बैठक की और इसके बाद कलेक्टर रोशन सिंह से मुलाकात भी की। साथ ही बड़नगर रोड पर बन रहे नए अखाड़े के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया गया।
मामले ने क्यों पकड़ा तूल
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद धार्मिक और स्थानीय स्तर पर इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था। हालांकि अब अखाड़े के फैसले और महंत के बयान के बाद स्थिति साफ हो गई है। फिलहाल, आगामी कुंभ तक महंत विनीत गिरी के पद पर बने रहने से अखाड़े की गतिविधियां पहले की तरह जारी रहने की संभावना है।