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Ujjain Borewell Accident: Rescue Operation Update

उज्जैन बोरवेल हादसा: 75 फीट गहराई में फंसा मासूम, रिंग रेस्क्यू फेल, अब सुरंग से बचाने की कोशिश

उज्जैन में 3 साल का बच्चा बोरवेल में गिरा, रेस्क्यू जारी। रिंग रेस्क्यू नाकाम, अब सुरंग बनाकर बचाने की कोशिश, प्रशासन और NDRF की टीमें जुटीं।


उज्जैन बोरवेल हादसा 75 फीट गहराई में फंसा मासूम रिंग रेस्क्यू फेल अब सुरंग से बचाने की कोशिश

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। तीन साल का मासूम भागीरथ खुले बोरवेल में गिरने के बाद जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। करीब 75 फीट गहराई में फंसे बच्चे को निकालने के लिए प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

रिंग रेस्क्यू नाकाम, अब सुरंग खुदाई पर फोकस

रेस्क्यू टीमों ने पहले रोप रिंग के जरिए बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद अब बोरवेल के समानांतर सुरंग खोदकर बच्चे तक पहुंचने की रणनीति पर काम तेज कर दिया गया है। पोकलेन मशीनों की मदद से खुदाई जारी है, हालांकि रास्ते में चट्टान आने से काम में दिक्कतें भी आ रही हैं। इन्हें हटाने के लिए हैमर मशीन का सहारा लिया जा रहा है।

कैमरे से निगरानी, ऑक्सीजन सपोर्ट जारी

बचाव दल बोरवेल के अंदर कैमरा डालकर बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। साथ ही ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है, ताकि बच्चे की सांसें बनी रहें। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी तैनात है।

प्रशासन का दावा: हर संभव प्रयास जारी

उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि बचाव कार्य लगातार जारी है और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उनका कहना है कि प्राथमिकता बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालना है। स्थानीय विधायक जितेंद्र पंड्या ने भी कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ अभियान चला रहा है और हर संभव संसाधन जुटाए गए हैं।

हादसे से पहले घर में था खुशी का माहौल

परिजनों के मुताबिक, भागीरथ परिवार के साथ एक शादी समारोह में जाने की तैयारी कर रहा था। उसे नए कपड़े दिलाए गए थे और वह खुशी-खुशी घर में खेल रहा था। लेकिन अचानक खेलते-खेलते वह खुले पड़े बोरवेल में गिर गया। अब वही घर मातम में बदल गया है और परिवार की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौतियां

जानकारी के अनुसार, बोरवेल की गहराई करीब 200 फीट तक है और अंदर पानी भी मौजूद है, जिससे बचाव कार्य और कठिन हो गया है। रेस्क्यू टीमों को सीमित जगह, ऑक्सीजन की उपलब्धता और चट्टानी जमीन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद टीमें लगातार प्रयास में जुटी हैं ताकि मासूम को जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

 

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