व्यापमं मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI और MP सरकार से 320 पेज की शिकायत पर कार्रवाई का ब्यौरा मांगा। अगली सुनवाई 16 अप्रैल 2026 को होगी।
नई दिल्ली: व्यापमं महाघोटाले से जुड़े मामले में Supreme Court of India ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने CBI और मध्य प्रदेश सरकार से पूछा है कि पूर्व विधायक Paras Saklecha द्वारा दी गई 320 पन्नों की शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई।
शपथ पत्र के साथ पूरी जांच रिपोर्ट मांगी
जस्टिस Prashant Kumar Mishra और जस्टिस N. V. Anjaria की बेंच ने निर्देश दिया कि जांच एजेंसियां अब तक की जांच, दाखिल चार्जशीट और प्रगति रिपोर्ट शपथ पत्र (एफिडेविट) के साथ पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट से खारिज याचिका अब सुप्रीम कोर्ट में
इससे पहले इंदौर हाईकोर्ट ने 2024 में याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि याचिकाकर्ता सीधे तौर पर प्रभावित पक्ष नहीं हैं। इसके बाद इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने दलील दी कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायतकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
11 साल से लंबित शिकायत, कार्रवाई पर सवाल
मामले की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब सकलेचा ने दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। 2015 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच CBI को सौंपी गई और 320 पन्नों के दस्तावेज जमा किए गए। हालांकि, इसके बाद भी कार्रवाई की रफ्तार धीमी रही। 2023 में दोबारा याचिका दाखिल की गई, जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले में जवाब तलब कर जांच की प्रगति पर स्पष्टता मांगी है।