मौनी बाबा आश्रम में आयोजित सुंदरकांड पाठ में युवाओं ने लिया हिस्सा, डिजिटल दुनिया से दूर रहकर मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
ग्वालियर। शहर की भागदौड़, मोबाइल स्क्रीन की चमक और हर पल आती ब्रेकिंग न्यूज़ के बीच, रविवार को कैंसर पहाड़िया स्थित मौनी बाबा आश्रम हनुमान मंदिर में कुछ अलग सा माहौल देखने को मिला। यहां न शोर था, न हड़बड़ी… बस भक्ति, संगीत और शांति की एक अलग ही दुनिया थी। विश्व में बढ़ती नकारात्मकता को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने के उद्देश्य से एक दिवसीय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और शहर के लोगों ने भाग लिया।
आध्यात्मिक माहौल में डूबा आश्रम
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम दरबार के चित्र के समक्ष विधिवत पूजन, मंत्रोच्चारण से हुई। इसके बाद गायक आदर्श खेमरिया और उनकी मंडली ने मधुर भजनों के साथ सुंदरकांड का पाठ प्रस्तुत किया। भजनों की धुन जैसे-जैसे आगे बढ़ी, श्रद्धालु धीरे-धीरे उसमें खोते चले गए। कुछ लोग आंखें बंद कर ध्यान में बैठे थे, तो कुछ राम नाम का जाप करते दिखे… माहौल सच में अलग था।
युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस
बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ता तनाव
आयोजक समाजसेवी अमित शर्मा ने बताया कि आज का युवा कई तरह के दबाव में जी रहा है। लगातार युद्ध जैसी खबरें, सोशल मीडिया का दबाव, अनियमित दिनचर्या और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग ये सब मिलकर मानसिक तनाव बढ़ा रहे हैं। यही वजह रही कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि मानसिक शांति देना भी था।
डिजिटल डिटॉक्स का अनुभव
कार्यक्रम में खास बात ये रही कि शहर के डिजिटल क्रिएटर, युवा इन्फ्लुएंसर और विभिन्न प्रोफेशन से जुड़े लोग भी शामिल हुए। कई युवाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने काफी समय बाद मोबाइल से दूरी बनाई, और इस आध्यात्मिक माहौल में उन्हें सुकून मिला। सुंदरकांड पाठ के दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में लीन रहे। कार्यक्रम के अंत में आरती की गई और प्रसाद वितरण हुआ।