अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी शुरू कर दी। इसके लिए बड़ा वादा किया। सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल ₹40 हजार। ‘धुरंधर’ फिल्म पर भाजपा पर निशाना, कैबिनेट विस्तार पर भी तंज।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा चुनावी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो महिलाओं को हर साल ₹40 हजार की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह घोषणा ‘मूर्ति देवी-मालती देवी महिला सम्मान समारोह’ के दौरान की गई। जहां बड़ी संख्या में महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
महिलाओं के लिए 40 हजार और पेंशन बहाली का वादा
सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ कहा कि उनकी सरकार आते ही समाजवादी पेंशन योजना को दोबारा शुरू किया जाएगा। साथ ही महिलाओं के लिए सालाना ₹40 हजार देने की योजना लागू की जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से उन्हें मजबूती मिल सके। इस दौरान उनके साथ मैनपुरी सांसद डिंपल यादव भी मौजूद रहीं।
योगी सरकार पर तंज, कैबिनेट विस्तार पर सवाल
कार्यक्रम में अखिलेश ने मौजूदा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान कैबिनेट विस्तार की बात हो रही है, जो असल में नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब बजट खर्च हो चुका है। तब मंत्री बनाए जा रहे हैं और विभागों में जल्दबाजी में टेंडर पास किए जा रहे हैं। एक विभाग के 1000 करोड़ के टेंडर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा पता नहीं उसमें सेवई मिली या गुझिया। इशारों-इशारों में उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
‘धुरंधर’ फिल्म पर सियासत तेज
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर: द रिवेंज को लेकर भी अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब भाजपा पैसे देकर फिल्में बनवा रही है, ताकि विपक्षी दलों की छवि खराब की जा सके। दरअसल इस फिल्म में ‘अतीफ अहमद’ नाम का किरदार दिखाया गया है। जिसे लोग माफिया अतीक अहमद से जोड़कर देख रहे हैं। इसी वजह से सपा और कांग्रेस के नेता इसे प्रोपेगेंडा बता रहे हैं।
डिंपल यादव का हमला: बेटियां सुरक्षित नहीं
इस मौके पर डिंपल यादव ने भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आज के समय में बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी केस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब हमारी बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो देश आगे कैसे बढ़ेगा। उनके बयान से साफ था कि आने वाले चुनाव में महिला सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बनने वाला है।
चुनावी साल में बढ़ी सियासी गर्मी
उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरम होता दिख रहा है। एक तरफ बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ फिल्म, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।