शामली धर्मांतरण मामले में आयुष मलिक ने 15 दिन का मौन व्रत शुरू कर दिया है। पुलिस उनके बयान दर्ज करने की तैयारी में है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है। मामले पर धार्मिक संगठनों और
शामली के चर्चित धर्मांतरण मामले में मंगलवार को नया घटनाक्रम सामने आया। सनातन धर्म में वापसी के बाद आयुष मलिक ने 15 दिन का मौन व्रत शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने किसी से मुलाकात नहीं करने का फैसला लिया है। दूसरी ओर पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए उनके बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी तेज हो गई है।
मामला अब केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं है। धार्मिक संगठनों की सक्रियता, सामाजिक प्रतिक्रियाएं और कानूनी कार्रवाई इसे लगातार चर्चा के केंद्र में बनाए हुए हैं।
मौन व्रत के साथ धार्मिक अनुष्ठान
हनुमान धाम में बघरा पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज की मौजूदगी में हनुमान चालीसा का पाठ कराया गया। कार्यक्रम में आयुष के पिता देवराज मलिक समेत कई लोग शामिल हुए। स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि आयुष पिछले सात दिनों से नियमित पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपने घर में मंदिर स्थापित कर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित की हैं। उनके अनुसार मौन व्रत की अवधि में आयुष किसी भी व्यक्ति से मुलाकात नहीं करेंगे।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि धर्मांतरण का मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की, लेकिन अभी भी कुछ आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और शामली पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की, ताकि जांच समय पर पूरी हो सके।
पुलिस जांच किस चरण में पहुंची
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही पुलिस जल्द ही आयुष मलिक के बयान दर्ज करेगी, जिन्हें जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
उलेमा ने रखा अपना पक्ष
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिलाध्यक्ष मौलाना साजिद कासमी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी धर्म को अपनाने या छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और सभी धर्म सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से इस्लाम छोड़कर पूर्व धर्म में लौटता है, तो इस्लामी दृष्टिकोण से उसके निकाह की स्थिति अलग मानी जाती है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
धर्मांतरण का यह मामला चार जून को सार्वजनिक रूप से सामने आया था। इसके बाद छह जून को आयुष के पिता देवराज मलिक की शिकायत पर शहर कोतवाली में कई नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच एजेंसियां अब इस मामले में शेष आरोपियों की तलाश और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही हैं।