सागर में दिव्यांगजन आयुक्त डॉ अजय खेमरिया ने DDRC का निरीक्षण किया। UDID कार्ड समय सीमा में जारी करने के निर्देश दिए। जिले में बौद्धिक दिव्यांगता के मामलों में बढ़ोतरी सामने आई।
सागर: प्रदेश के सागर जिले में दिव्यांगजन सेवाओं को लेकर मंगलवार को अहम गतिविधि देखने को मिली। प्रदेश के दिव्यांगजन आयुक्त डॉ अजय खेमरिया ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान संयुक्त संचालक डीएस यादव भी मौजूद रहे।
हितग्राहियों से सीधे संवाद, समस्याओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने केंद्र में मौजूद दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने दिव्यांगता परीक्षण प्रक्रिया और UDID कार्ड जारी होने में आ रही दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। साथ ही लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। संयुक्त संचालक डीएस यादव ने जानकारी दी कि जिले में पोर्टल पर दिख रहे सभी 350 लंबित दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का वितरण पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है।
समय सीमा में निपटाएं सभी आवेदन
आयुक्त ने निर्देश दिए कि भारत सरकार द्वारा तय समय सीमा के भीतर सभी आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में आने वाले आवेदकों के लिए पेयजल और सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों के अनुसार, जिले में प्रत्येक मंगलवार को बोर्ड बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 80 से अधिक आवेदकों का परीक्षण किया जाता है। औसतन सात दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
जिले में बढ़ रहे बौद्धिक दिव्यांगता के मामले
निरीक्षण के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि सागर जिले में ऑटिज्म और बौद्धिक दिव्यांगता के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों ने इसके पीछे डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग को एक संभावित कारण बताया, जिससे दृष्टिबाधित मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

आवासीय केंद्र खोलने का सुझाव
अधिकारियों ने वयस्क बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए एक शासकीय आवासीय केंद्र खोलने का सुझाव भी आयुक्त के समक्ष रखा। इस पर आयुक्त ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए संबंधित संस्थाओं का निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।