राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या और वृंदावन में दर्शन किए। बारिश के बीच प्रेम मंदिर पहुंचीं, श्रीराम यंत्र की स्थापना भी की।
मथुरा। नवरात्रि के पहले दिन देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आध्यात्मिक दौरा काफी चर्चा में रहा। अयोध्या से शुरुआत करने के बाद वे मथुरा-वृंदावन पहुंचीं, जहां तेज बारिश भी उनके कदम नहीं रोक पाई।
रामलला के दर्शन कर जताई श्रद्धा
द्रौपदी मुर्मू सुबह दिल्ली से अयोध्या पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके बाद राष्ट्रपति सीधे अयोध्या राम मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए। मंदिर के दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में उन्होंने श्रीराम यंत्र की स्थापना भी की। राष्ट्रपति ने इस दौरान कहा, 'अयोध्या वह पावन भूमि है, जहां प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया। यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।'
आस्था और बदलते भारत पर दिया बयान
मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और युद्ध की स्थिति है, लेकिन भारत में शांति का माहौल है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले आस्था को अंधविश्वास बताया जाता था, लेकिन अब देश बदल रहा है
बारिश के बीच वृंदावन में दर्शन
अयोध्या में करीब 5 घंटे बिताने के बाद राष्ट्रपति मथुरा के लिए रवाना हुईं। वृंदावन पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले वृंदावन इस्कॉन मंदिर में दर्शन किए। यहां उन्होंने इस्कॉन के संस्थापक एसी भक्तिवेदांत श्रील प्रभुपाद की समाधि पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान तेज बारिश हो रही थी। लेकिन कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति प्रेम मंदिर पहुंचीं। जहां उन्होंने भगवान कृष्ण की भव्य झांकियों के दर्शन किए। बारिश के बीच सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बीच उनका दौरा जारी रहा, और दर्शन के बाद वे होटल के लिए रवाना हो गईं
संत प्रेमानंद महाराज से करेंगी मुलाकात
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह राष्ट्रपति का दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वे 1 मई 2024 को यहां आई थीं। अब उनके अगले कार्यक्रम के तहत 20 मार्च को वह संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगी।