राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मथुरा में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की। 21 किमी की परिक्रमा गोल्फ कार्ट और पैदल पूरी की, गिरिराज जी की पूजा-अर्चना भी की।
मथुरा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे का समापन धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। उन्होंने गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार सुबह दानघाटी मंदिर पहुंचकर गिरिराज जी के दर्शन किए। यहां उन्होंने दूध से अभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
पूजा के बाद राष्ट्रपति ने 21 किलोमीटर लंबी गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा शुरू की। शुरुआत में उन्होंने कुछ दूरी पैदल तय की, इसके बाद परिवार के साथ गोल्फ कार्ट में बैठकर करीब डेढ़ घंटे में परिक्रमा पूरी की। इस दौरान उनके साथ आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। रास्ते में राष्ट्रपति ने श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन किया।
तीन दिवसीय दौरे का आखिरी दिन
राष्ट्रपति मुर्मू का यह उत्तर प्रदेश का तीन दिवसीय दौरा था। इससे पहले उन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और वृंदावन में संत प्रेमानंद जी से मुलाकात की। गोवर्धन परिक्रमा के बाद राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। इस दौरान मथुरा से सांसद हेमा मालिनी भी हेलीपैड पर मौजूद रहीं।

पहली बार गोवर्धन पहुंचीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वतंत्र भारत की पहली राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने गोवर्धन पहुंचकर परिक्रमा की। उनके आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में विशेष तैयारियां की गई थीं। दानघाटी मंदिर और आसपास के इलाकों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया। श्रद्धालुओं में भी राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर उत्साह देखने को मिला।