राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। नवरात्रि के पहले दिन हुआ यह कार्यक्रम धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहा।
अयोध्या। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या में धार्मिक और संवैधानिक गरिमा का खास संगम देखने को मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। साथ ही मंदिर में ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का भी निरीक्षण किया।
राष्ट्रपति का अयोध्या दौरा, भव्य स्वागत
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह करीब साढ़े 10 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे राम मंदिर पहुंचीं। जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति ने मंदिर में दर्शन के बाद कहा कि अयोध्या की इस पवित्र भूमि पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने रामलला के दर्शन कर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
अभिजीत मुहूर्त में हुआ पूजन
अयोध्या राम मंदिर के दूसरे तल पर बने राम दरबार में राष्ट्रपति ने ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना की। यह पूजन अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर सम्पन्न हुआ। बताया गया कि पिछले कई दिनों से मंदिर परिसर में ‘सीताराम यज्ञ’ चल रहा था। इसके बाद इस यंत्र की स्थापना की गई।
तमिलनाडु से अयोध्या पहुंचा ‘राम यंत्र’
जानकारी के अनुसार, ‘श्रीराम यंत्र’ को तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित मठ में तैयार किया गया था। वहां से इसे तिरुपति लाया गया और फिर रथयात्रा के माध्यम से अयोध्या पहुंचाया गया। करीब 150 किलो वजनी इस यंत्र पर सोने की परत चढ़ाई गई है, जो इसे और विशेष बनाती है।
सीएम योगी ने दी मंदिर निर्माण की जानकारी
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने मंदिर परिसर के विकास और चल रहे निर्माण कार्यों का भी विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
मथुरा भी जाएंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति का अयोध्या में करीब 5 घंटे का कार्यक्रम तय हुआ था। यहां से दोपहर करीब 3 बजे वे मथुरा के लिए रवाना हो गई। मथुरा में इस्कॉन और प्रेम मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम है। बता दें कि इससे पहले भी राष्ट्रपति राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या आ चुकी हैं।