प्रयागराज में कोल्ड स्टोरेज ढहने से बड़ा हादसा, कई मजदूर मलबे में दबे। अमोनिया गैस रिसाव से दहशत, रेस्क्यू जारी। पूरी खबर पढ़ें।
प्रयागराज। सोमवार दोपहर प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में एक कोल्ड स्टोरेज की इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। दर्दनाक हादसा करीब ढाई बजे हुआ बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मलबे में करीब 20 मजदूर दब गए, जिनमें से कई को निकालने की कोशिशें जारी हैं।
घटना के बाद हालात तब और बिगड़ गए जब कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। तेज गंध के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। लोग मुंह पर गमछा और कपड़ा बांधकर इधर-उधर भागते नजर आए।

4 की मौत की आशंका, रेस्क्यू में जुटीं टीमें
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंच चुकी हैं। करीब 5 जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। अब तक 9 लोगों को बाहर निकाला गया है, जबकि 4 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही हैथ। हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
1 किलोमीटर तक फैली अमोनिया गैस
हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता गैस रिसाव को लेकर है। बताया जा रहा है कि अमोनिया गैस करीब 1 किलोमीटर के दायरे में फैल गई है। स्थानीय लोग लगातार आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाकों को खाली कराने की भी तैयारी की जा रही है।

लोगों में गुस्सा, मैनेजर हिरासत में
हादसे के बाद मौके पर जुटे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डिंग की हालत पहले से खराब थी। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। स्थिति को संभालने में पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
किसका है कोल्ड स्टोरेज?
जानकारी के मुताबिक ‘आदर्श कोल्ड स्टोरेज’ नाम की यह बिल्डिंग सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद से जुड़ी बताई जा रही है। करीब 5 हजार स्क्वायर फीट में बने इस कोल्ड स्टोरेज का लगभग 1500 स्क्वायर फीट हिस्सा ढह गया। यहां 100 से ज्यादा लोग काम करते थे, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मलबे में और लोग फंसे हो सकते हैं।
अभी भी जारी है ऑपरेशन
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है, और हर मिनट हालात बदल रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालना है। इसके बाद ही हादसे के असली कारणों की जांच की जाएगी।
डीएम ने कही जांच कराने की बात
प्रयागराज डीएम मनीष वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक आठ लोगों को अस्पताल भेजा गया है। इनमें एक की हालत गंभीर है और उसे एसआरएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। राहत कार्य चल रहा है। रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही घायलों और मृतकों की सही संख्या बताई जा सकेगी। हादसे की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी।