बीना विधायक निर्मला सप्रे के दल-बदल मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील ने दावा किया कि वह अभी भी कांग्रेस की सदस्य हैं। जानिए पूरा विवाद।
उच्च न्यायालय में विधायक के अधिवक्ता ने किया दावा
मध्यप्रदेश के बीना से विधायक निर्मला सप्रे के दल-बदल मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सुनवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायाधीश विनय सराफ की युगलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान निर्मला सप्रे की ओर से उनके अधिवक्ता ने दावा किया कि वह अभी भी कांग्रेस पार्टी की सदस्य हैं। इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का कोई आधार नहीं बनता।
कांग्रेस का पक्ष
दरअसल, यह मामला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सप्रे ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली है। इसलिए दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। कांग्रेस का दावा है कि वह बीना सीट से कांग्रेस पार्टी की विधायक हैं।
याचिका में लगाए गए हैं आरोप
यह पूरा मामला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा हुआ है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्मला सप्रे ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है और सार्वजनिक रूप से भाजपा की गतिविधियों में शामिल हो रही हैं।याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि इस प्रकार की राजनीतिक निष्ठा में बदलाव ‘दल-बदल कानून’ के दायरे में आता है और इसके तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।