इंदौर के एमवाय अस्पताल में बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर ले जाते माता-पिता का वीडियो वायरल होने के बाद दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त और कई पर कार्रवाई हुई।
इंदौर के एमवाय अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीषण गर्मी में अपने बीमार बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल परिसर में भटक रहे माता-पिता की तस्वीरें वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की गई। मामले की जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं, जबकि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समेत कई लोगों पर वेतन कटौती और नोटिस की कार्रवाई की गई है।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
6 जून को सामने आए वीडियो में एक दंपती अपने बीमार बेटे को स्ट्रेचर पर लिटाकर एमवाय अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के बीच ले जाते दिखाई दिए थे। तेज धूप और गर्मी के बीच माता-पिता खुद स्ट्रेचर धक्का देते नजर आए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठने लगे। इसके बाद मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की गई।
दो कर्मचारियों की सेवाएं खत्म
जांच में लापरवाही सामने आने पर सुरक्षा व्यवस्था और हेल्प डेस्क से जुड़े दो कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। इसके अलावा न्यूरोसर्जरी विभाग से जुड़े एक डॉक्टर का सात दिन का वेतन काटा गया है। तीन नर्सिंग अधिकारियों और एक वार्ड कर्मचारी पर भी वेतन कटौती की कार्रवाई की गई है।
आउटसोर्स एजेंसी पर एक लाख का जुर्माना
अस्पताल प्रबंधन ने सफाई और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही एजेंसी पर भी कार्रवाई की है। एजेंसी पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश शासन को भेजी गई है। वहीं, अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है 11 साल का आदर्श
वीडियो में दिखाई देने वाला बच्चा 11 वर्षीय आदर्श मलक है। परिजनों के अनुसार वह एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी और गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या से पीड़ित है। बच्चे का इलाज कई दिनों से एमवाय अस्पताल में चल रहा है। चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उसे लगातार चिकित्सकीय देखरेख की जरूरत है।
एम्बुलेंस नहीं मिली तो खुद धकेला स्ट्रेचर
परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चे को रीढ़ से संबंधित बेल्ट के लिए सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भेजा था। काफी देर तक अस्पताल स्टाफ और एम्बुलेंस का इंतजार करने के बावजूद मदद नहीं मिली। मजबूरी में माता-पिता खुद बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर करीब एक किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचे। वहां जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें दोबारा एमवाय अस्पताल लौटने को कहा गया।
गर्मी बच्चे के लिए बनती है बड़ी परेशानी
परिजनों के मुताबिक आदर्श को सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक गर्मी लगती है। उसके शरीर में पसीना नहीं निकलता, जिससे तापमान सहन करना मुश्किल हो जाता है। रास्ते भर उसकी मां पानी में कपड़ा भिगोकर बच्चे के शरीर पर रखती रही, ताकि उसे गर्मी से राहत मिल सके।
मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज हैं गंभीर बीमारियां
मेडिकल दस्तावेजों के अनुसार बच्चा हाइपोहाइड्रोटिक एक्टोडर्मल डिस्प्लेसिया नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में शरीर की पसीना ग्रंथियां सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पातीं। इसके अलावा मेडिकल रिकॉर्ड में डिमायलिनेटिंग डिजीज और गुलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) की आशंका का भी उल्लेख है। ये दोनों स्थितियां तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती हैं और मरीज की शारीरिक क्षमता पर गंभीर असर डाल सकती हैं।
किस पर हुई क्या कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा सुपरवाइजर और हेल्प डेस्क कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। एक डॉक्टर का सात दिन का वेतन काटा गया है, जबकि तीन नर्सिंग अधिकारियों और एक वार्ड कर्मचारी पर भी आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की सुविधा और संवेदनशीलता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।