मध्य प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने राहत के साथ नई परेशानी खड़ी कर दी। बारिश और ओलावृष्टि से जहां तापमान गिरा, वहीं खुले में रखी फसलें भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
भोपाल। मध्य प्रदेश में गुरुवार को मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया, जिसने लोगों को चौंका दिया। भीषण गर्मी के बीच अचानक कई जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि शुरू हो गई। राजधानी भोपाल में दोपहर बाद हल्की बारिश दर्ज हुई, जबकि टीकमगढ़ में 15-20 मिनट तक ओले गिरे। सतना, मैहर और उमरिया में गरज-चमक के साथ बारिश ने माहौल बदल दिया।
मौसम विभाग की मानें तो यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन का असर है। सवाल ये है कि यह राहत कितनी देर टिकेगी और किसके लिए मुश्किल बनेगी?
एक ही दिन में बदला मौसम का मिजाज
बालाघाट में तेज बारिश ने लू से परेशान लोगों को राहत दी। तापमान गिरा और लोगों ने सुकून की सांस ली। मुरैना और छतरपुर में भी बूंदाबांदी से गर्मी थोड़ी कम हुई। लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी सामने आया। श्योपुर में तेज आंधी ने होटल का DJ शेड उड़ा दिया, जिससे करीब 15 लोग घायल हो गए। यह दिखाता है कि मौसम का यह बदलाव सिर्फ राहत नहीं, जोखिम भी लेकर आया है।
किसानों पर दोहरी मार
बारिश जहां आम लोगों के लिए राहत बनी, वहीं किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर गई। मंडियों और खरीदी केंद्रों में खुले में रखा गेहूं भीग गया। कई किसानों का कहना है कि अचानक आई इस बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। सरकारी इंतजामों की कमी भी सवालों में है, क्योंकि फसल को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे।
27 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड और महाकौशल के 27 जिलों में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। यानी राज्य में एक साथ दो तरह का मौसम देखने को मिल सकता है इसमें कहीं राहत, कहीं तपिश होगी।
मौसम बदलने के पीछे की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय हो चुकी है। यही सिस्टम आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को ट्रिगर कर रहा है। अगर यह सिस्टम सक्रिय रहा, तो आने वाले कुछ दिनों तक ऐसा ही उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इससे आम जनजीवन, खेती और स्थानीय प्रशासन तीनों पर असर पड़ना तय है।