मध्य प्रदेश विधानसभा में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे विधायक को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की हुई। ‘नारी शक्ति वंदन’ पर भी गरमाई बहस, जानें पूरा मामला।
मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में सोमवार को उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा पहुंचने लगे। मंत्रालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया, जिसके बाद विधायक और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हो गई। उधर, सदन के अंदर ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा चल रही थी, जहां बयानबाजी तेज हो गई। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया।
ट्रैक्टर लेकर क्यों पहुंचे विधायक?
कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह का कहना था कि उन्होंने ट्रैक्टर के लिए पास बनवाया था और वे किसानों से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि ट्रैक्टर को विधानसभा परिसर तक ले जाने की अनुमति नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। बहस इतनी बढ़ी कि मौके पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
पुलिस से झूमाझटकी, फिर गेंहू का गठ्ठा लेकर पहुंचे सदन
विवाद के बाद विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर तो अंदर नहीं ले जा सके, लेकिन वे गेंहू का गठ्ठा लेकर विधानसभा पहुंच गए। इसे उन्होंने किसानों की स्थिति और मुद्दों को प्रतीकात्मक रूप से उठाने का तरीका बताया। इस घटनाक्रम ने सत्र के बाहर भी राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया।
‘नारी शक्ति वंदन’ पर सदन में गरमाई बहस
विधानसभा के अंदर ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के दौरान भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली।कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल राजनीतिक कारणों से लाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के चलते यह कदम उठाया गया, क्योंकि वहां ममता बनर्जी से जीत नहीं मिल रही थी।
सरकार का पलटवार, कांग्रेस पर आरोप
सरकार की ओर से मंत्री कृष्णा गौर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में बिल पास न होने से देश की महिलाओं को बड़ा झटका लगा है। महिलाओं को उम्मीद थी कि उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, लेकिन विपक्ष ने उनकी उम्मीदों को तोड़ा।
मंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को अधिकार देने की कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध कर उनका अपमान किया।