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MP Tribal Teachers Eligibility Exam Rule

MP Teacher News: ट्राइबल शिक्षकों पर नई परीक्षा की तलवार, 2 साल में पास करना होगा अनिवार्य

मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग के बाद अब ट्राइबल विभाग के 65 हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में आई। अब इनको 2 साल में पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।


mp teacher news ट्राइबल शिक्षकों पर नई परीक्षा की तलवार 2 साल में पास करना होगा अनिवार्य

MP Teacher News |

भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक और बड़ा फैसला सामने आया है। इसने ट्राइबल विभाग के हजारों शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के बाद अब जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को भी पात्रता परीक्षा से गुजरना होगा।

इस फैसले के बाद ट्राइबल विभाग में कार्यरत करीब 65 हजार शिक्षकों की नौकरी पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि तय समय में परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।

दो साल में पास करनी होगी परीक्षा

ट्राइबल अफेयर डिपार्टमेंट मध्य प्रदेश के आयुक्त तरुण राठी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी। शिक्षकों को यह परीक्षा दो वर्षों के भीतर पास करनी होगी। वरना उनकी नौकरी पर असर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों के पालन में लिया गया है। सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 और अन्य मामलों में दिए गए आदेशों के आधार पर यह प्रक्रिया लागू की जा रही है। इसके साथ ही के प्रावधानों का भी हवाला दिया गया है, जिसमें शिक्षकों की योग्यता सुनिश्चित करना जरूरी बताया गया है।

जुलाई-अगस्त में होगी विशेष परीक्षा

विभाग की ओर से बताया गया है कि जुलाई और अगस्त 2026 के बीच विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने की योजना है। इसके लिए सभी संभागीय और जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र के शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करें। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सभी अपात्र शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होकर अपनी योग्यता तय करें।

65 हजार शिक्षक होंगे प्रभावित

ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के मुताबिक, विभाग में कुल करीब 95 हजार शिक्षक हैं, जिनमें से लगभग 65 हजार को यह परीक्षा देनी होगी। इस फैसले से शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से सेवा में हैं।

सुप्रीम कोर्ट में जाएगी रिव्यू पिटीशन

इस फैसले के खिलाफ शिक्षक संगठन अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगोर ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर यह निर्णय लागू होता है, तो ट्राइबल इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो सकती है और पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

कुल मिलाकर, इस फैसले ने शिक्षा विभाग के बाद अब ट्राइबल विभाग में भी हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तर पर अहम रूप ले सकता है।

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