मध्य प्रदेश में 2022 चयनित शिक्षक 8 महीने से जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। भोपाल में धरना देकर सरकार से जल्द नियुक्ति और स्कूल आवंटन की मांग की।
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2022 के चयनित अभ्यर्थियों का इंतजार अब लंबा होता जा रहा है। राजधानी भोपाल में बुधवार को उन्होंने धरना देकर नियुक्ति में देरी के खिलाफ विरोध जताया। अभ्यर्थियों का कहना है कि रिजल्ट और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बावजूद उन्हें अब तक जॉइनिंग नहीं मिली है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बीच यह मुद्दा और गंभीर होता जा रहा है।
8 महीने से नियुक्ति का इंतजार
चयनित अभ्यर्थियों के अनुसार, उनका रिजल्ट 25 सितंबर को घोषित हुआ था। इसके बाद से करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन जॉइनिंग को लेकर कोई स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई है। इस देरी से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

गेस्ट फैकल्टी भर्ती पर सवाल
अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनकी नियुक्ति लंबित होने के बावजूद गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा रही है। उनका कहना है कि जब चयनित उम्मीदवार मौजूद हैं, तो अस्थायी नियुक्तियां क्यों की जा रही हैं। इस फैसले पर उन्होंने सरकार और विभाग से जवाब मांगा है।
अभ्यर्थियों की नाराजगी
नर्मदापुरम की अभ्यर्थी ज्योति बाम ने कहा कि दो-दो परीक्षाएं पास करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिल रही है। उनके मुताबिक, इस देरी से वे मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने सरकार और डीपीआई से जल्द जॉइनिंग देने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जॉइनिंग की तारीख पूछने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान भी उन्हें कई बार चक्कर लगाने पड़े। इससे विभागीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खुशी से निराशा तक
सीहोर की अभ्यर्थी अनीता सिंह के मुताबिक, मेरिट में नाम आने पर खुशी हुई थी। लेकिन अब लंबे इंतजार के कारण स्थिति निराशाजनक हो गई है। समाज और परिवार के सामने जवाब देना भी मुश्किल हो रहा है।
पूरी हो चुकी है भर्ती प्रक्रिया
अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हो चुकी है। नोटिफिकेशन से लेकर मुख्य परीक्षा और रिजल्ट तक सभी चरण संपन्न हो चुके हैं। इसके बावजूद नियुक्ति नहीं होना उनके लिए चिंता का विषय है।

बढ़ रहा मानसिक और आर्थिक दबाव
लंबे इंतजार के चलते कई अभ्यर्थी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मानसिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है। कुछ अभ्यर्थियों ने खुद को अवसाद जैसी स्थिति में होने की बात भी कही है।
सरकार से मांग और चेतावनी
अभ्यर्थियों ने सरकार और डीपीआई से जल्द नियुक्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल आवंटन कर उन्हें नए सत्र में पढ़ाने का मौका दिया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।