मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026 में तीसरी सीट को लेकर कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार केंद्रीय नेतृत्व के साथ रणनीति बना रहे हैं।
मध्यप्रदेश में रिक्त हो रही राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आगामी 18 जून को मतदान होना है। विधायक संख्या के हिसाब से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के पास जाना तय है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वह तीसरी सीट के लिए किसी भी तरह के अतिरिक्त प्रयास नहीं करेगी। फिर भी कांग्रेस को तीसरी सीट हाथ से जाने की आशंका है।
कांग्रेस को विधायक खिसकने की आशंका
मप्र की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस सटीक रणनीति बना रही है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तक दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी राज्यसभा सीट बचाने के लिए प्रदेश नेतृत्व और उमंग सिंघार को विशेष निर्देश दिए हैं।भारत निर्वाचन आयोग ने मप्र की तीनों राज्यसभा सीटों के लिए 22 मई को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया था।
64 विधायक, फिर भी क्यों भयभीत है कांग्रेस?
राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के विधायकों को तोड़े जाने की आशंका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य नेता जता चुके हैं। कांग्रेस के पास वर्तमान में आधिकारिक रूप से 64 विधायक हैं, जबकि एक सीट के लिए कुल 58 विधायकों के मतों की आवश्यकता है।छह अतिरिक्त विधायक होने के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व एक सीट को लेकर आश्वस्त नहीं है, क्योंकि 64 में से बीना विधायक निर्मला सप्रे को कांग्रेस भाजपा के खाते में मान रही है। अपात्रता प्रकरण न्यायालय में लंबित होने के चलते विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। इससे पहले दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी पहले ही समाप्त हो चुकी है।
कांग्रेस 62 विधायकों के भरोसे एक सीट के लिए प्रत्याशी उतारेगी। मप्र में भाजपा के कुल 164 विधायक हैं। 116 मतों के साथ दो सीटों पर उसकी जीत स्पष्ट है। तीसरी सीट के लिए भाजपा के पास कुल 48 विधायक शेष रहेंगे। निर्दलीय के मत के साथ यह संख्या 49 हो सकती है।कांग्रेस को आशंका है कि 62 में से भी यदि 5 विधायक बगावत करते हैं तो उसे नुकसान हो सकता है। वहीं 9 विधायकों की क्रॉस वोटिंग तीसरी सीट भाजपा की झोली में डाल सकती है।भाजपा यदि तीसरी सीट के लिए प्रत्याशी उतारती है और दोनों दलों के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान 58 से कम रहता है, तो सीट रिक्त रह जाएगी और निर्वाचन आयोग इसके लिए अलग से मतदान की तिथि घोषित करेगा।
नामांकन 8 जून तक
आयोग के अनुसार राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी होगी, जबकि उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी और 11 जून नाम वापस लेने की अंतिम तिथि तय की गई है। इन सीटों के लिए मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।
21 जून को समाप्त हो रहा इनका कार्यकाल
मप्र की जिन तीन राज्यसभा सीटों का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिग्विजय सिंह शामिल हैं।पार्टी की ओर से हरी झंडी नहीं मिलने पर दिग्विजय सिंह फिर से राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं। कांग्रेस के कई नेता राज्यसभा के लिए प्रयासरत हैं। हालांकि पार्टी ऐसे प्रत्याशी की तलाश कर रही है, जो मतदान तक सभी विधायकों को एकजुट रख सके।