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MP MSME Policy Boosts Women Entrepreneurs Growth

एमएसएमई की नई नीति से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

मध्यप्रदेश की MSME नीति 2025 से महिलाओं को बड़ा बढ़ावा मिला है। राज्य में 17% MSME इकाइयां महिलाएं चला रहीं हैं और स्टार्टअप में भी उनकी भागीदारी तेजी से बढ़ी है।


एमएसएमई की नई नीति से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

मध्यप्रदेश सरकार की एमएसएमई विकास नीति-2025 और स्टार्ट-अप नीति-2025 ने महिला उद्यमिता को नई गति दी है। इन नीतियों के जरिए महिलाएं बड़ी संख्या में स्वरोजगार और उद्योगों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण और 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एमएसएमई विकास नीति-2025 और स्टार्ट-अप नीति-2025 इसी दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं।

प्रदेश में 17% MSME इकाइयां महिलाओं के हाथ में

प्रदेश में वर्तमान में 24.34 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों में से करीब 4.11 लाख, यानी लगभग 17 प्रतिशत इकाइयां महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही हैं। वहीं, 7264 मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप में से 3476, यानी 48 प्रतिशत स्टार्ट-अप महिला उद्यमियों के हैं, जो राज्य में बढ़ती महिला भागीदारी को दर्शाता है।

एमएसएमई विकास नीति-2025 के तहत महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। संयंत्र और मशीनरी में निवेश करने वाली महिलाओं को 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर अधिकतम 48 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान देने का प्रावधान है।

महिलाओं को 72 लाख की मदद का प्रावधान

अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं के लिए यह अनुदान 50 प्रतिशत तक है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। वहीं, स्टार्ट-अप नीति-2025 के अंतर्गत महिला उद्यमियों को 18 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी जा रही है। प्रति चरण 18 लाख रुपये तक और कुल मिलाकर 72 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है।

 

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