MP Safai Karmchari Strike End: मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। इस फैसले से प्रदेश के सफाई कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। प्रस्ताव के मुताबिक, सफाई कर्मचारियों का मासिक वेतन 18 से 19 हजार रुपए तक करने और 10 साल की सेवा पूरी कर चुके दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार होगा।
CM मोहन यादव से मुलाकात के बाद खत्म हुई हड़ताल
दरअसल, अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के नेतृत्व में प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी वेतन वृद्धि और नियमितीकरण समेत चार प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। शुक्रवार को राज्य मंत्री कृष्णा गौर के नेतृत्व में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।बैठक में कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने तीन दिन से जारी हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया और काम पर लौटने का फैसला लिया।
10,500 से बढ़कर 18-19 हजार हो सकती है सैलरी
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग मासिक वेतन बढ़ाने की थी। फिलहाल कई कर्मचारियों को करीब 10,500 रुपए मासिक वेतन मिलता है। यूनियन की मांग थी कि इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए।अब सरकार के सामने रखे गए प्रस्ताव के अनुसार, जिन कर्मचारियों की सेवा के 10 साल पूरे नहीं हुए हैं, उनका मासिक वेतन 18 से 19 हजार रुपए करने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, वेतन वृद्धि को लेकर अंतिम फैसला कमेटी की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
10 साल पुराने दैनिक वेतनभोगी होंगे नियमित?
सफाई कर्मचारियों की दूसरी बड़ी मांग लंबे समय से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने की है। सरकार ने इस पर भी सकारात्मक रुख दिखाया है।प्रस्ताव के मुताबिक, जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा के 10 साल पूरे हो चुके हैं, उनके विनियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे वर्षों से अस्थायी रूप से काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी सेवा का लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है।
एक महीने में कमेटी शुरू करेगी प्रक्रिया
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सामने कर्मचारियों की प्रमुख समस्याएं रखी गई थीं। मुख्यमंत्री ने मांगों को गंभीरता से सुना और उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी एक महीने के भीतर प्रमुख मांगों पर प्रक्रिया शुरू करेगी।
सफाई कर्मचारियों की इन मांगों पर होगा विचार
- सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया।
- 10 साल की सेवा पूरी कर चुके दैनिक वेतनभोगियों का विनियमितीकरण।
- 10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों का वेतन 18 से 19 हजार रुपए करने का प्रस्ताव।
- दिवंगत कर्मचारियों के पति या पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने पर निर्णय।
- ठेका प्रथा समाप्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्ताव भेजना।
तीन दिन की हड़ताल से बिगड़ी शहरों की व्यवस्था
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर प्रदेश के कई शहरों में देखने को मिला। जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो गए और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। शुक्रवार को कर्मचारियों ने टैंकरों से पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी, जिससे कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बन गई.अब हड़ताल खत्म होने के बाद सफाई और पेयजल व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। वहीं, कर्मचारियों की नजरें अब सरकार की गठित कमेटी और वेतन वृद्धि व नियमितीकरण पर होने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं।