जयपुर निवेश बैठक में मध्यप्रदेश को ₹5055 करोड़ के प्रस्ताव मिले। सीएम मोहन यादव ने AI और स्पेस सेक्टर की नई पॉलिसी लाने का ऐलान किया।
मध्यप्रदेश सरकार के निवेश आकर्षण अभियान को राजस्थान की राजधानी जयपुर में बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को आयोजित ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में राज्य को 5055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों से 3530 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों पर भी फोकस कर रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में जल्द ही स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी।
400 से अधिक निवेशकों ने दिखाई रुचि
इस निवेश सत्र में राजस्थान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सहित विभिन्न औद्योगिक समूहों के 400 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। निवेशकों ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों और बुनियादी ढांचे में रुचि दिखाते हुए कई क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
ऊर्जा क्षेत्र में यूपी के साथ मॉडल तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच बिजली बंटवारे के लिए एक साझा मॉडल तैयार किया गया है। इसके तहत मुरैना में स्थापित होने वाले प्लांट से दोनों राज्य छह-छह महीने बिजली उपयोग करेंगे।
नदी जोड़ो परियोजना से बदलेगी तस्वीर
डॉ. मोहन यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह परियोजना दोनों राज्यों की आर्थिक और कृषि स्थिति को मजबूत करेगी। लगभग एक लाख करोड़ रुपए की इस योजना में 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जबकि दोनों राज्यों को केवल 5-5 प्रतिशत योगदान देना होगा।
मध्यप्रदेश-राजस्थान: आर्थिक साझेदारी की नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पारंपरिक रूप से ‘रोटी-बेटी’ का संबंध रहा है, जो अब जल सहयोग के जरिए और मजबूत हो रहा है। उन्होंने दोनों राज्यों के उद्योगों की पूरकता पर जोर देते हुए कहा कि राजस्थान का विकसित टेक्सटाइल और जेम्स-एंड-ज्वेलरी सेक्टर तथा मध्यप्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मिलकर मजबूत वैल्यू चेन बना सकते हैं।
औद्योगिक विकास के लिए बड़े प्रावधान
राज्य सरकार ने उद्योग स्थापना और निवेश प्रोत्साहन के लिए 6104 करोड़ रुपए तथा आधारभूत ढांचे के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसके अलावा नर्मदापुरम जिले में देश का पहला पावर और रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित किया जा रहा है।सरकार द्वारा निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए औद्योगिक नियमों में भी व्यापक सरलीकरण किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए अब तक 26 नई नीतियां लागू की जा चुकी हैं।