भोपाल में 15 दिनों में एक दर्जन से ज्यादा फर्जी धमकी कॉल और ईमेल से हड़कंप। पुलिस अलर्ट पर, VPN के जरिए कॉल करने वाले गिरोह की जांच जारी।
मध्यप्रदेश में इन दिनों हॉक्स कॉल (छद्म कॉल) ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। राजधानी भोपाल में बीते 15 दिनों में एक दर्जन से अधिक धमकी भरे कॉल और ई-मेल सामने आ चुके हैं। इन कॉल्स में विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, एयरपोर्ट और बड़े कारोबारियों को निशाना बनाते हुए बम धमाकों की चेतावनी दी गई है।
सरकारी संस्थान निशाने पर
हाल के मामलों में पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को तीन बार, भौंरी पुलिस अकादमी, एम्स अस्पताल, जिला न्यायालय सहित कई सार्वजनिक संस्थानों को उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। अधिकतर मामलों में ई-मेल के जरिए धमकियां भेजी गईं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
हैकर्स या संगठित गिरोह पर शक
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का मानना है कि यह किसी हैकर या संगठित गिरोह की साजिश हो सकती है, जो सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से इस तरह की गतिविधियां कर रहा है।
वीपीएन तकनीक से हो रहे कॉल, अलर्ट जारी
जांच में सामने आया है कि अधिकांश कॉल और ई-मेल वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) के जरिए किए गए हैं। इसमें कॉल करने वाला व्यक्ति भारत में रहकर विदेशी नंबर प्रदर्शित करता है, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे कॉल खासतौर पर उन मोबाइल फोन पर आसानी से पहुंचते हैं, जिनमें पर्याप्त सुरक्षा या फायरवॉल सिस्टम नहीं होता।
सायबर टीम और क्राइम ब्रांच जांच में जुटी
लगातार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए सायबर पुलिस मुख्यालय और विभिन्न जिलों की क्राइम ब्रांच को जांच में लगाया गया है। भोपाल क्राइम ब्रांच की विशेष टीम भी सक्रिय है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
अधिकारियों ने प्रतिक्रिया देने से किया परहेज
इन मामलों को लेकर पुलिस आयुक्त संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) अवधेश गोस्वामी और डीसीपी क्राइम ब्रांच अखिल पटेल से मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर वसूली की कोशिश
इसी बीच कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर भी धमकी देने के मामले सामने आए हैं। भोपाल के कोलार रोड निवासी कारोबारी गौरव जैन को ‘हैरी बॉक्सर’ बनकर कॉल किया गया और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई।
ऐसे मिल रहीं धमकियां
- पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के जरिए 19 फरवरी, 2 मार्च और 18 मार्च को बम से उड़ाने की धमकी मिली। तीनों मामलों में पुलिस के पास अब तक कोई ठोस सुराग नहीं है।
- भोपाल कोर्ट, पासपोर्ट ऑफिस, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय, भौंरी स्थित आईशर एकेडमी, जेके अस्पताल समेत 21 निजी और शासकीय संस्थानों को 18 मार्च को धमकी मिली। मेल में जौहर की नमाज के बाद सिलसिलेवार धमाकों का दावा किया गया।
- कोलार रोड स्थित पार्वती नगर निवासी कारोबारी गौरव जैन को 18 मार्च की रात व्हाट्सएप कॉल पर 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
- इसी तरह इंदौर, खरगोन और अशोकनगर में भी व्यापारियों और किसानों को निशाना बनाया गया है।
हॉक्स कॉल क्या है
हॉक्स कॉल एक झूठी कॉल, संदेश या ई-मेल होता है, जिसका उद्देश्य डर, भ्रम या अफरा-तफरी फैलाना होता है। आजकल यह शब्द विशेष रूप से फर्जी बम धमकियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो स्कूलों, विमानों, अस्पतालों या होटलों को दी जाती हैं।दी गई जानकारी पूरी तरह झूठी होती है, जांच में अक्सर कोई खतरा नहीं मिलता। उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को परेशान करना, दहशत फैलाना या मजाक करना हो सकता है।
हॉक्स कॉल मिलने पर क्या करें
- शांत रहें, घबराएं नहीं।
- कॉल करने वाले की बात और समय नोट करें।
- तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचना दें।