भोपाल में हजारों अतिथि शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। नियमितीकरण, बोनस अंक और वार्षिक अनुबंध की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों का सरकार के खिलाफ आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है, राजधानी भोपाल के अंबेडकर पार्क में बुधवार को हजारों अतिथि शिक्षक एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. भीषण गर्मी के बीच बड़ी संख्या में महिला अतिथि शिक्षक अपने बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं।
स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले चल रहे इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से स्कूलों में सेवा देने के बावजूद उनके भविष्य को लेकर कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है।
40 डिग्री तापमान में जारी रहा आंदोलन
भोपाल में दोपहर के समय तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया, लेकिन इसके बावजूद प्रदेशभर से आए अतिथि शिक्षक अंबेडकर पार्क में डटे रहे। प्रदर्शन में महिला शिक्षकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से वे नियमितीकरण और नौकरी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को लेकर कई बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज तक उन पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेताओं ने समर्थन दिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद अब कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है मोर्चा के समन्वयक रामचंद्र नागर और बी.एम. खान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि जब वह विधायक थे, तब अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाने की अनुशंसा करते थे, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे।
क्या हैं अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से:
- अतिथि शिक्षकों को नियमित (स्थायी) किया जाए
- विभागीय परीक्षा आयोजित की जाए
- वार्षिक अनुबंध व्यवस्था लागू हो
- शिक्षक भर्ती में बोनस अंक दिए जाएं
शिक्षकों का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से हजारों परिवारों को स्थिरता और रोजगार सुरक्षा मिलेगी।
आर-पार की लड़ाई के मूड में शिक्षक
संयुक्त मोर्चा ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल कई शिक्षकों ने कहा कि अब वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैंअतिथि शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में वर्षों से योगदान देने के बावजूद उन्हें अस्थायी व्यवस्था में रखा गया है, जिससे उनका भविष्य लगातार असुरक्षित बना हुआ है।